<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>CUlture Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
	<atom:link href="https://hindikhabar.com/topic/culture/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindikhabar.com/topic/culture/</link>
	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
	<lastBuildDate>Tue, 29 Apr 2025 02:43:40 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.1</generator>

<image>
	<url>https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/03/cropped-cropped-digital-logo-png-32x32.png</url>
	<title>CUlture Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
	<link>https://hindikhabar.com/topic/culture/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>देश की महान नृत्य परंपरा को समझे और इससे जुड़े युवा पीढ़ी : डॉ एन विजयलक्ष्मी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/patna-the-young-generation-should-understand-the-great-dance-tradition-of-the-country-and-connect-with-it-dr-n-vijayalakshmi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Apr 2025 02:37:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[classical dance]]></category>
		<category><![CDATA[CUlture]]></category>
		<category><![CDATA[dance tradition]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. N. Vijayalakshmi]]></category>
		<category><![CDATA[HindiKhabar]]></category>
		<category><![CDATA[NDIA]]></category>
		<category><![CDATA[World Dance Day]]></category>
		<category><![CDATA[youth]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006371178</guid>

					<description><![CDATA[Patna : आधुनिक बैले नृत्य के जनक माने जाने वाले फ्रेंच कलाकार जीन जॉर्जेस नोवरे की याद में प्रत्येक वर्ष 29 अप्रैल को विश्व नृत्य दिवस मनाया जाता है। नृत्य की दुनिया में भारत की बेहद समृद्ध परंपरा रही है। हमारे देश में नृत्य का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। नृत्य का एनसाइक्लोपीडिया माने जाने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Patna : </strong>आधुनिक बैले नृत्य के जनक माने जाने वाले फ्रेंच कलाकार जीन जॉर्जेस नोवरे की याद में प्रत्येक वर्ष 29 अप्रैल को विश्व नृत्य दिवस मनाया जाता है। नृत्य की दुनिया में भारत की बेहद समृद्ध परंपरा रही है। हमारे देश में नृत्य का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। नृत्य का एनसाइक्लोपीडिया माने जाने वाले नाट्यशास्त्र की रचना हमारे देश में हुई जो कि हमारे लिए गर्व की बात है। दुनिया से इस महान ग्रंथ का परिचय भरतमुनि ने करवाया।</p>



<p>सभी भारतीयों के लिए बहुत गर्व की भी बात है कि भागवत गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी आफ वर्ल्ड रजिस्टर में अंकित किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">देश की महान नृत्य परंपरा को समझे और इससे जुड़े</h3>



<p>हमारे देश में नृत्य की महान परंपरा सदियों से चली आ रही है। विभिन्न तरह के परंपारगत नृत्य हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। ऐसे में हमें भी भरतमुनि की स्मृति में एक दिन नृत्य और नाटकों के नाम करना चाहिए। मेरी नई पीढ़ी से अपील है कि देश की महान नृत्य परंपरा को समझे और इससे जुड़े।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हम पारंपरिक नृत्यों के महत्व को जानते और समझते हैं</h3>



<p>विश्व नृत्य दिवस एक अवसर हमें देता जब हम पारंपरिक नृत्यों के महत्व को जानते और समझते हैं। मेरा मानना है कि हमें अपनी नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से अवगत कराना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि हमारे देश में कथक भरतनाट्यम ओड़िसी जैसे शास्त्रीय नृत्यों की कितनी महान परंपरा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बचपन से ही वहां का स्थानीय कुचिपुड़ी नृत्य पसंद था</h3>



<p>मैं अपनी बात करूं तो मैं आंध्रप्रदेश से हूं, मुझे बचपन से ही वहां का स्थानीय कुचिपुड़ी नृत्य पसंद था। बाद में मैंने भरतनाट्यम सीखा। मैं विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर भरतनाट्यम की प्रस्तुति दे चुकी हूं। मैं तेलुगू भाषा कि वे फिल्में देखना पसंद करती थी जो नृत्य और संगीत प्रधान हो।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संगीत, नृत्य या कोई भी कला जरूर सीखें</h3>



<p>बिहार में अब स्कूलों में म्यूजिक और डांस के शिक्षक हैं। बच्चे बड़ी संख्या में सीख भी रहे हैं। मैं यही कहना चाहती हूं कि संगीत, नृत्य या कोई भी कला जरूर सीखें। इससे आपके व्यक्तित्व का विकास होता है। मेरे लिए नृत्य सिर्फ एक हॉबी नहीं है बल्कि यह मेरे लिए एक आध्यात्मिक कार्य है। जब आप नृत्य-संगीत सीखते हैं या संगीत साधना में लीन हो जाता है तब वह तपस्या कर रहा होता है। ऐसा इसलिए कि जब आप यह करते हैं तब आपका शरीर, दिमाग और आत्मा तीनों को एक जगह पर रखकर करते हैं। इसका बेहतर बैलेंस बनने पर ही आप इसे पूरा कर पाते हैं।</p>



<p>(लेखिका वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और नृत्यांगना हैं)<br><br>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/oneplus-13s-launched-in-india-oneplus-13s-will-be-launched-in-india-soon-teaser-surfaced-will-get-powerful-processor-and-compact-design/">OnePlus 13s भारत में जल्द होगा लॉन्च, टीजर आया सामने, मिलेगा दमदार प्रोसेसर और कॉम्पैक्ट डिजाइन</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a>&nbsp;देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,&nbsp; बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">&nbsp;हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bihar: गंगा रिवर फ्रंट पर दिखेगी बिहारी संस्कृति की झलक</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ganga-river-front-a-glimpse-of-bihari-culture-will-be-seen-on-the-ganga-river-front/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Dec 2023 14:34:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar News]]></category>
		<category><![CDATA[CUlture]]></category>
		<category><![CDATA[Development at Ganga River Front in patna]]></category>
		<category><![CDATA[history]]></category>
		<category><![CDATA[Patna News]]></category>
		<category><![CDATA[patna smart city ltd]]></category>
		<category><![CDATA[public interst of bihar]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006279991</guid>

					<description><![CDATA[Ganga River Front: पटना में गंगा पथ पर दीघा से लेकर AN सिन्हा पथ तक बिहार संस्कृति की झलक नजर आएगी। यह निर्णय सोमवार को पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 29वीं बैठक में लिया गया। स्मार्ट सिटी परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पटना स्मार्ट सिटी के चेयरमैन संतोष कुमार मल्ल ने की। Ganga &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Ganga River Front:</strong> पटना में गंगा पथ पर दीघा से लेकर AN सिन्हा पथ तक बिहार संस्कृति की झलक नजर आएगी। यह निर्णय सोमवार को पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 29वीं बैठक में लिया गया। स्मार्ट सिटी परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पटना स्मार्ट सिटी के चेयरमैन संतोष कुमार मल्ल ने की।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Ganga River Front: इतिहास की झलक भी आएगी नजर</h3>



<p>बैठक में बताया गया कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत गंगा पथ का विकास दीघा गोलंबर से लेकर एएन सिन्हा के पास तक किया जाना है। जिसमें हाई मास्ट तिरंगा 100 फुट, यक्षिणी 40 फुट और लंदन आई के तर्ज पर पटना आई बनाया जाएगा। पूरे गंगा पथ पर इतिहास और सांस्कृतिक झलकियाँ स्कल्पचर के माध्यम से दर्शाई जाएंगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मल्टी लेवल कार पार्किंग की व्यवस्था</h3>



<p>मौर्या लोक परिसर में ऑटोमेटेड मल्टी लेवल कार पार्किंग तैयार की जाएगी। इस ऑटोमेटेड पार्किंग में लगभग 150 कार पार्किंग की व्यवस्था होगी। ये बिहार का प्रथम स्वचालित कार पार्किंग होगी। इसका निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तालाब, प्रार्थना कक्ष का भी निर्माण</h3>



<p>पटना स्मार्ट सिटी द्वारा बांस घाट पर शवदाहगृह का निर्माण होगा। इस शवदाह गृह में दो विद्युत और 8 पारंपरिक शवदाह गृह होंगे। यहाँ तालाब, प्रार्थना कक्ष, ग्रीनरी और शवदाह गृह से संबंधित वेंडिंग जोन का भी निर्माण किया जाना है। गौरतलब है कि इसका निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लगेंगे वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड</h3>



<p>पूरे पटना शहर में सूचनाओं एवं जन जनजागरूकता के लिए 50 स्थलों पर VMD (वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड) लगाए जाएंगे। इस VMD के माध्यम से पटना स्मार्ट सिटी को आर्थिक लाभ भी होगा। आमजन अपने प्रचार प्रसार के लिए इस पर विज्ञापन दे सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">महापौर और प्रबंध निदेशक सहित ये रहे मौजूद</h3>



<p>बैठक में महापौर सीता साहू , प्रबंध निदेशक बुडको धर्मेन्द्र कुमार, प्रबंध निदेशक पटना स्मार्ट सिटी अनिमेष कुमार पराशर एवं अपर सचिव नगर विकास आवास विभाग सुनील कुमार यादव एवं पटना स्मार्ट सिटी के पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>



<p><strong>रिपोर्टः सुजीत श्रीवास्तव, ब्यूरोचीफ, बिहार</strong></p>



<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a href="https://hindikhabar.com/state/kesariya-stupa-cm-nitish-kumar-will-inaugurate-and-lay-the-foundation-stone-of-tourist-facilities-in-kesariya/"><strong>Bihar: केसरिया में पर्यटकीय सुविधाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे सीएम नीतीश कुमार</strong></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UP News: शारदीय नवरात्र पर गोरखा समाज ने मनाया फूल पाती, दुर्गा के नौ रूपों की हुई पूजा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/up-news-gorkha-community-celebrated-shardiya-navratri-with-flowers-nine-forms-of-durga-were-worshipped/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Oct 2023 12:45:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[CUlture]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Nepal]]></category>
		<category><![CDATA[up news]]></category>
		<category><![CDATA[up news hindi]]></category>
		<category><![CDATA[up news today]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006266381</guid>

					<description><![CDATA[UP News: भारत देश अपनी संस्कृति और त्योहारों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इसकी संस्कृति और त्योहारों का प्रचलन अब पड़ोसी मुल्क नेपाल में भी जमकर देखने को मिल रहा है। महराजगंज (Maharaganj) जनपद के भारत-नेपाल के सीमावर्ती इलाका स्थित नौतनवा कस्बे में गोरखा समाज के लोगों ने फूल पाती मनाया। इसके दौरान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>UP News: </strong>भारत देश अपनी संस्कृति और त्योहारों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इसकी संस्कृति और त्योहारों का प्रचलन अब पड़ोसी मुल्क नेपाल में भी जमकर देखने को मिल रहा है। महराजगंज (Maharaganj) जनपद के भारत-नेपाल के सीमावर्ती इलाका स्थित नौतनवा कस्बे में गोरखा समाज के लोगों ने फूल पाती मनाया। इसके दौरान शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर दुर्गा मां के नौ रूपों की पूजा अर्चना की। </p>



<h3 class="wp-block-heading">गोरखा समाज में फूल पाती का है बेहद महत्व</h3>



<p>गोरखा समाज की बबीता थापा ने बताया कि गोरखा समाज में फूल पाती का बड़ा ही महत्व है। इस दिन गोरखा समाज के लोग वन देवी की पूजा करते हैं और उन्हें निमंत्रण देते है। </p>



<p>गोरखा समाज के तुल बहादुर थापा ने बताया फूल पाती गोरखा समाज के पूर्वजों से ही चलता रहा है। फूल पाती कार्यक्रम के दौरान गोरखा समाज के लोग मिलजुल कर दुर्गा मां के नौ रूपों को डोली में सजाकर ढोल-नगाड़े के साथ नाचते गाते विधि विधान के साथ शारदीय नवरात्र के सप्तमी को मानते हैं। उसके अगले दिन अष्टमी को बलि वाली जगह माता रानी को स्थापित करते है। बलि के रूप में कददू को पूजा अर्चना करने के विधि-विधान से काटा जाता है।</p>



<p><strong>(महाराजगंज से अजय जयसवाल की रिपोर्ट)</strong></p>



<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong> <strong><a href="क्या आठ रेलवे स्टेशनों के बदलेंगे नाम? स्मृति ईरानी ने लिखा खत">Amethi: क्या आठ रेलवे स्टेशनों के बदलेंगे नाम? स्मृति ईरानी ने लिखा खत</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल्ली: उच्च न्यायालय में “ONE NATION, ONE EDUCATION” का विरोध, सीबीएसई ने कहा पाठ्यक्रम स्थानीय संस्कृति से करेगा दूर</title>
		<link>https://hindikhabar.com/delhi-opposition-to-one-nation-one-education-in-high-court-cbse-said-the-curriculum-will-distance-itself-from-local-culture/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Oct 2023 13:50:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[advocate]]></category>
		<category><![CDATA[CBSE]]></category>
		<category><![CDATA[CUlture]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi High Court]]></category>
		<category><![CDATA[education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Language]]></category>
		<category><![CDATA[Lawyer]]></category>
		<category><![CDATA[NCERT]]></category>
		<category><![CDATA[SCERT]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006260686</guid>

					<description><![CDATA[PIL In Delhi High Court: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर उस जनहित याचिका (PIL) का विरोध किया है जिसमें &#8216;एक राष्ट्र, एक शिक्षा व्यवस्था&#8217; की तर्ज पर पूरे देश में बारहवीं कक्षा तक एक समान शिक्षा प्रणाली की मांग की गई है। सीबीएसई ने अपने जवाब में कहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>PIL In Delhi High Court:</strong> केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर उस जनहित याचिका (PIL) का विरोध किया है जिसमें &#8216;एक राष्ट्र, एक शिक्षा व्यवस्था&#8217; की तर्ज पर पूरे देश में बारहवीं कक्षा तक एक समान शिक्षा प्रणाली की मांग की गई है। सीबीएसई ने अपने जवाब में कहा कि पूरे भारत में एक समान बोर्ड/पाठ्यक्रम का विचार &#8220;स्थानीय संदर्भ, संस्कृति और भाषा&#8221; को ध्यान में नहीं रखता है। देश में, राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा विकसित करती है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) द्वारा दी गई सिफारिशों को ध्यान में रखती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्थानीय संस्कृति राष्ट्रीय ढ़ांचा के लिए जरूरी</h3>



<p>सीबीएसई ने कहा कि “स्थानीय संसाधनों, संस्कृति और लोकाचार पर जोर देना जरूरी है जिससे एक बेहतर राष्ट्रीय ढांचा बन सकता है। एक बच्चा ऐसे पाठ्यक्रम से बेहतर ढंग से जुड़ सकता है जो स्कूल के बाहर उसके जीवन से अधिक से जुड़ा हो या स्थानीय घटक से वो प्रभावित हो। इसलिए, पाठ्यक्रम में या शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय संस्कृति और लोकाचार की जरूरत है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संविधान के विपरीत है अलग-अलग पाठ्यक्रम</h3>



<p>दिल्ली उच्च न्यायालय में वकील ए.के. उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका ने तर्क दिया कि सीबीएसई, आईएससीई और राज्य बोर्डों द्वारा अलग-अलग पाठ्यक्रम मनमाना और संविधान के विपरीत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मातृ भाषा में एक सामान्य पाठ्यक्रम नहीं होने से अज्ञानता को बढ़ावा मिलता है और मौलिक कर्तव्यों की समझ और प्राप्ति में देरी होती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">समवर्ती सूची का विषय है शिक्षा</h3>



<p>याचिकाकर्ता के दलील पर बोर्ड ने जवाब दिया कि शिक्षा भारत के संविधान की समवर्ती सूची का हिस्सा है और अधिकांश स्कूल राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं।  इसलिए पाठ्यक्रम तैयार करना और परीक्षा आयोजित करना संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकारों का काम है। सीबीएसई द्वारा दायर हलफनामे में बताया गया है कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और राज्य शिक्षा बोर्ड या तो एनसीईआरटी के मॉडल पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों को अपनाते हैं या नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क पर आधारित राज्य बोर्ड स्वयं के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें विकसित करते हैं।</p>



<p>ये भी पढ़ें- <a href="दिल्ली की रामलीला में जलेंगे सनातन विरोधी पुतले, कुल मिलाकर होंगे 4 पुतले">Delhi: TMC के हल्ला बोल पर दिल्ली पुलिस का पहरा, अभिषेक बनर्जी ने लगाया आरोप</a><a href="https://hindikhabar.com/state/delhi-ncr/delhi-delhi-police-guards-tmcs-ruckus-abhishek-banerjee-alleges/"> </a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Hartalika Teej 2021: हरितालिका तीज व्रत आज, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त व पूजा विधि</title>
		<link>https://hindikhabar.com/haritalika-teej-fasting-today-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Sep 2021 08:19:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[Other States]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ़स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[CUlture]]></category>
		<category><![CDATA[Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Haritalika Teej]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Rituals]]></category>
		<category><![CDATA[Women&#039;s Festival]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006130025</guid>

					<description><![CDATA[नई दिल्ली। पूरे देश में आज सुहागिनों का पर्व हरितालिका तीज मनाया जा रहा है। यह पर्व पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। हरितालिका तीज व्रत आज 9 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया जा रहा है। हिंदी पंचांग के मुताबिक यह तीज व्रत हर साल भादों के शुक्ल पक्ष की तृतीया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> पूरे देश में आज सुहागिनों का पर्व हरितालिका तीज मनाया जा रहा है। यह पर्व पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है।</p>



<p>हरितालिका तीज व्रत आज 9 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया जा रहा है। हिंदी पंचांग के मुताबिक यह तीज व्रत हर साल भादों के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और देवी पार्वती की आराधना करती हैं और अखंड सौभाग्यवती होने एवं वैवाहिक जीवन में सुख शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।</p>



<p>दूसरी ओर कुवांरी लड़कियां सुयोग्य और मनवांछित वर प्राप्त करने के लिए इस दिन उपवास रखकर व्रत का विधि विधान से पालन करती है। हरितालिका तीज व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि महिलाएं बिना पानी और बिना कुछ खाए 24 घंटे का उपवास रखती है। इसलिए इसे काफी कठिन व्रत माना जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="450" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej.png" alt="" class="wp-image-213006130026" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej.png 650w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej-300x208.png 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>जानिए हरितालिका तीज व्रत का पूजा और शुभ मुहूर्त</strong></h4>



<p>हरितालिका तीज व्रत की पूजा के लिए 9 सिंतबर दिन गुरुवार को शाम 06 बजकर 10 मिनट से रात 07 बजकर 54 मिनट का समय शुभ बताया गया है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, यह सर्वार्थ सौभाग्य वृद्धि करने वाला अति शुभ मुहूर्त है। पूजन के समय आज रवि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>जानिए हरितालिका तीज व्रत के नियम</strong></h4>



<p>1. हरितालिका तीज पर तृतीया तिथि में ही पूजा करनी चाहिए। तृतीया तिथि में पूजा गोधली और प्रदोष काल में ही की जाती है। वहीं, चतुर्थी में पारण किया जाता है।</p>



<p>2. नवविवाहिताएं पहली बार इस व्रत को जिस तरह रख लेंगी उन्हें हमेशा उन्हें इसी प्रकार से व्रत को करना होगा। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि पहले व्रत से जो नियम आप उठाएं उनका पालन जरुर करें। अगर निर्जला ही व्रत रखा था तो फिर हमेशा निर्जला ही व्रत रखें। आप इस व्रत में बीच में पानी नहीं पी सकते।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="450" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej-2.png" alt="" class="wp-image-213006130027" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej-2.png 650w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2021/09/teej-2-300x208.png 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>3. तीज व्रत में खाना, पानी, फल 24 घंटे कुछ भी नहीं खाया जाता है। इसलिए इस व्रत का श्रद्धापूर्वक पालन करें।</p>



<p>4. तीज का व्रत एक बार आपने शुरू कर दिया है तो आपको इसे हर साल रखना होगा। अगर किसी साल बीमार हैं तो व्रत छोड़ नहीं सकते।</p>



<p>5. इस व्रत में सोना नहीं चाहिए। व्रती महिलाओं को रातभर जागकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।</p>



<p>6. चतुर्थी तिथि यानी अगले दिन व्रत को खोला जाता है। व्रत की पारण विधि के मुताबिक करना चाहिए।</p>



<p>तो फिर आप भी जान लें व्रत के नियम और करें इसका पालन।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: hindikhabar.com @ 2026-06-16 15:43:57 by W3 Total Cache
-->