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	<title>Anand Mohan latest news Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>Anand Mohan latest news Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर आज SC करेगा सुनवाई</title>
		<link>https://hindikhabar.com/sc-to-hear-plea-against-gangster-anand-mohan-release-today/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 May 2023 05:00:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[ANAND MOHAN]]></category>
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					<description><![CDATA[8 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई की अपील पर सुनवाई करेगा। बता दें, आनंद बिहार के डीएम जी कृष्णैया की हत्या में मुख्य आरोपी है। 27 अप्रैल को आनंद मोहन को जेल से रिहा कर दिया था। ऐसे में बिहार सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दलित आईएएस &#8230;]]></description>
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<p>8 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई की अपील पर सुनवाई करेगा। बता दें, आनंद बिहार के डीएम जी कृष्णैया की हत्या में मुख्य आरोपी है। 27 अप्रैल को आनंद मोहन को जेल से रिहा कर दिया था। ऐसे में बिहार सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दलित आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने चुनौती दी थी।</p>



<p>अब आनंद मोहन को जेल भेजने की याचिका पर आज (8 मई) सुनवाई होगी। 27 अप्रैल को सुबह सवा छह बजे के करीब बिहार सरकार ने कानून में बदलाव कर आनंद मोहन सिंह को सहरसा जेल से रिहा कर दिया। कृष्णैया के परिवार ने इस पर आपत्ति जताई और कोर्ट में अर्जी दी।</p>



<p>इस फैसले के बाद बिहार सरकार पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। कृष्णय्या की पत्नी उमा देवी अपनी याचिका में बिहार सरकार के आदेश को रद्द किए जाने की मांग की है। उसने ये भी सवाल किया कि पहले मौत की सजा को उम्रकैद में बदला, हालांकि, इसके बाद भी कैदी को रिहा क्यों किया गया। उमा देवी ने कहा, &#8220;यह उन सभी सिविल सेवकों और सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के बारे में है जो अपराधियों का खामियाजा भुगतेंगे क्योंकि वे जैसा चाहें वैसा करेंगे क्योंकि उन्हें अब नतीजों का डर नहीं है। यह केवल गुंडों और ठगों को कानून अपने हाथ में लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसलिए बिहार में माफिया का राज है। तब भी वही था, अब भी वही है।”</p>



<p>5 दिसंबर 1994 को जब उमा के पति का निधन हुआ, तब वह 30 साल की थीं। दो दिन बाद, वह हैदराबाद गई और उसे बेगमपेट में ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल में एक फ्लैट दिया गया। उस समय उनकी 7 और 5 साल की दो बेटियां थीं। उनकी बड़ी बेटी निहारिका वर्तमान में एक बैंक मैनेजर हैं और उनकी छोटी बेटी पद्मा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।</p>
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		<title>आनंद मोहन की रिहाई के बाद इन दो बाहुबलियों की रिहाई की उठी मांग</title>
		<link>https://hindikhabar.com/after-the-release-of-anand-mohan-there-was-a-demand-for-the-release-of-these-two-musclemen/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 May 2023 06:41:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[ANAND MOHAN]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार जेल कानून में संशोधन के बाद पूर्व सांसद आंनद मोहन समेत 26 कैदियों को पिछले हफ्ते बरी कर दिया गया था। बिहार सरकार के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। ऐसे में अब आंनद मोहन के बाद अनंत सिंह और प्रभुनाथ सिंह को रिहा करने की मांग उठने लगी है। प्रभुनाथ सिंह &#8230;]]></description>
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<p>बिहार जेल कानून में संशोधन के बाद पूर्व सांसद आंनद मोहन समेत 26 कैदियों को पिछले हफ्ते बरी कर दिया गया था। बिहार सरकार के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। ऐसे में अब आंनद मोहन के बाद अनंत सिंह और प्रभुनाथ सिंह को रिहा करने की मांग उठने लगी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रभुनाथ सिंह पर क्या था आरोप?</h3>



<p>आरजेडी (RJD) से चार बार सांसद रहे प्रभुनाथ सिंह अभी झारखंड के हजारीबाग जेल में बंद हैं। उन्हें 1995 में जनता दल विधाक अशोक सिंह की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था। जिसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। तभी से प्रभुनाथ सिंह जेल में बंद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&nbsp;अनंत सिंह का क्या था मामला</h3>



<p>प्रभुनाथ सिंह के अलावा अनंत सिंह की रिहाई की भी मांग उठ रही है। अनंत सिंह अभी पटना के बेउर जेल में बंद हैं। 2019 में आनंद सिंह के पैतृक आवास से एक एके-47 राइफल की बरामदगी हुई थी इसी मामले में इन्हें पिछले साल दोषी ठहराया गया था। उस समय वे आरजेडी विधायक थे लेकिन दोषी करार दिए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई।</p>



<p>स्वर्ण क्रांति दल के प्रमुख कृष्ण कुमार कल्लू ने प्रभुनाथ सिंह और अनंत सिंह की जेल रिहाई कि मांग की है। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं की रिहाई के लिए वे किसी भी हद क जाने के लिए तैयार है।</p>



<p>आपको बता दें बिहार सरकार ने कारा हस्तक 2012 के नियम 481 आई में सशोंधन किया है। 14 साल की सजा काट चुके आनंद मोहन की तय नियमों के कारण रिहाई संभव नहीं थी। बीते 10 अप्रैल को ही  सरकार ने बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी थी जिसके बाद आंनद मोहन को रिहा कर दिया गया।    </p>



<p>ये भी पढ़े:<a href="https://hindikhabar.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-cm-honored-with-doctorate-degree-by-french-university/">Chhattisgarh: CM बघेल को फ्रांस की यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आलोचनाओं से घिरे सीएम नीतीश का बयान, कहा-&#8220;आनंद मोहन की रिहाई&#8230;&#8221;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/anand-mohan-release-based-on-model-prison-manual-2016-nitish/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Apr 2023 05:23:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[ANAND MOHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[आनंद मोहन सिंह (Anand Mohan) की रिहाई को लेकर आलोचनाओं से घिरे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला केंद्र के &#8216;मॉडल जेल मैनुअल 2016&#8217; पर आधारित था। शुक्रवार शाम एक कार्यक्रम में सीएम ने ये बयान दिया। अपने साथ रखी एक किताब का हवाला देते हुए &#8230;]]></description>
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<p>आनंद मोहन सिंह (Anand Mohan) की रिहाई को लेकर आलोचनाओं से घिरे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला केंद्र के &#8216;मॉडल जेल मैनुअल 2016&#8217; पर आधारित था। शुक्रवार शाम एक कार्यक्रम में सीएम ने ये बयान दिया। अपने साथ रखी एक किताब का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, &#8220;यह मॉडल जेल मैनुअल 2016 पर एक किताब है। कृपया इसे पढ़ें और मुझे बताएं कि क्या कोई प्रावधान कहता है कि अगर एक आईएएस अधिकारी की हत्या हो जाती है तो दोषी को अपने पूरे जीवन के लिए जेल में रहना होगा?&#8221;</p>



<p>&#8220;देश के किसी भी राज्य में ऐसा कोई कानून नहीं था। इसलिए, हमने इसे बिहार से हटा दिया है। वो (आनंद मोहन) 15 साल से ज्यादा समय से जेल की सजा काट रहा था। गहन चर्चा से पहले निर्णय लिया गया। 2017 से, 22 बैठकें हुईं बिहार में परिहार की कार्रवाई हुई है और 696 कैदियों को रिहा किया गया है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और महात्मा गांधी की जयंती पर मेरी सिफारिश पर कई कैदियों को रिहा किया गया था।&#8221; सीएम ने कहा।</p>



<p>उन्होंने आगे पूछा कि क्या आम लोगों और एक सरकारी अधिकारी के लिए जरूरी कानून में कोई अंतर है? हालांकि 27 कैदियों को रिहा कर दिया गया है, फिर भी केवल एक व्यक्ति की रिहाई का विरोध क्यों किया जा रहा है?</p>



<p>भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, कुमार ने आनंद मोहन और सुशील कुमार मोदी की तस्वीर दिखाते हुए कहा, &#8220;इस तस्वीर को देखें और इसका विश्लेषण करें। मोदी इस फरवरी में आनंद मोहन से मिले और उनकी रिहाई के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन जब हमने उसे रिहा किया, उसने इस पर आपत्ति जताई। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि पिछले दो महीनों में क्या बदल गया है कि वह अब आपत्ति कर रहा है, &#8221; नीतीश ने कहा।</p>



<p>टाडा कैदियों पर नीतीश कुमार ने कहा, &#8220;हम किसी भी राजनीतिक दल की मांग पर विचार नहीं कर सकते। ये सभी चीजें कानून के अनुसार होंगी।&#8221; उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने अन्य राज्यों की तुलना में कम संख्या में कैदियों को रिहा किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Anand Mohan के सेल से मिला था फोन, सुबहानी बोले मुझे जानकारी नहीं</title>
		<link>https://hindikhabar.com/anand-mohan-kept-mobile-phones-and-chargers-in-his-cell/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Apr 2023 13:03:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[ANAND MOHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan latest news]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार सरकार दावा कर रही है कि जेल में अच्छे आचरण के आधार पर आनंद मोहन की रिहाई हुई थी लेकिन ऐसी ख़बरे सामने आई हैं कि वो अपने सेल में मोबाइल फोन और सिम कार्ड रख रहा था। इस बात का खुलासा 23 अक्टूबर, 2021 को हुआ था। सहरसा के जिलाधिकारी और एसपी ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बिहार सरकार दावा कर रही है कि जेल में अच्छे आचरण के आधार पर आनंद मोहन की रिहाई हुई थी लेकिन ऐसी ख़बरे सामने आई हैं कि वो अपने सेल में मोबाइल फोन और सिम कार्ड रख रहा था।</p>



<p>इस बात का खुलासा 23 अक्टूबर, 2021 को हुआ था। सहरसा के जिलाधिकारी और एसपी ने जेल पर छापा मारा था और वार्ड नंबर 1 से चार मोबाइल फोन बरामद किए थे। आपको बता दें कि ये वही वार्ड था जहां आनंद मोहन डीएम जी. कृष्णैया की हत्या में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।</p>



<p>पुलिस ने छापेमारी के दौरान मंडल जेल सहरसा के वार्ड नंबर 1 से रियलमी का एक एंड्रॉइड फोन, वीवो का एक और दो सैमसंग जीएसएम फोन और एक मोबाइल चार्जर बरामद किया था। डीएम और एसपी के निर्देश पर मंडल जेल सहरसा के अधीक्षक सुरेश चौधरी ने आनंद मोहन के खिलाफ जिले के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी।</p>



<p>हालांकि, आनंद मोहन के खिलाफ इस प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि उन्हें प्राथमिकी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आनंद मोहन की रिहाई जेल में उसके समग्र अच्छे आचरण के कारण कानून के अनुसार हुई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8220;कानून के मुताबिक है Anand Mohan की रिहाई&#8221;-बिहार के मुख्य सचिव</title>
		<link>https://hindikhabar.com/release-of-anand-mohan-is-as-per-the-law-says-bihar-chief-secretary/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Apr 2023 12:50:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[ANAND MOHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[आनंद मोहन सिंह की रिहाई पर विवाद के बीच, गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुभानी का आधिकारिक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून के मुताबिक है और राज्य सरकार ने जेल नियमावली 2012 में संशोधन कर कुछ भी गलत नहीं किया है। &#8220;बिहार स्टेट सेंटेंस रिमिशन काउंसिल ने आजीवन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आनंद मोहन सिंह की रिहाई पर विवाद के बीच, गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुभानी का आधिकारिक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून के मुताबिक है और राज्य सरकार ने जेल नियमावली 2012 में संशोधन कर कुछ भी गलत नहीं किया है। &#8220;बिहार स्टेट सेंटेंस रिमिशन काउंसिल ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों पर निर्णय लिया है। हमने रिहाई आदेश पारित करने से पहले सभी दिशानिर्देशों का पालन किया है। आनंद मोहन एक राजनेता हैं और उनके मामले से संबंधित बहुत सारी बातें चल रही हैं। उन्होंने 15 साल से ज्यादा की सजा और 7 साल जेल की सजा काट ली है। इसलिए वो 22 वर्ष से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं। इसलिए उनके मामले में लिया गया निर्णय कानून के अनुसार है।&#8221; उन्होंने कहा।</p>



<p>&#8220;ऐसे मामले में जहां अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है, राज्य सरकार ने 14 साल की जेल और 20 साल की सजा पर विचार किया है। हमने पिछले 6 वर्षों में छूट परिषद की 22 बैठकें की हैं और 1,161 कैदियों की रिहाई पर चर्चा की है। राज्य सरकार ने 698 कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है।&#8221; सुभानी ने कहा।</p>



<p>आनंद मोहन पर बवाल क्यों?</p>



<p>मुजफ्फरपुर में 5 दिसंबर, 1994 को हुई गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या में पटना उच्च न्यायालय ने आनंद मोहन को दोषी ठहराया था। मुजफ्फरपुर पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, आनंद मोहन मुजफ्फरपुर में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटन शुक्ला के अंतिम संस्कार का नेतृत्व कर रहे थे। उसी समय कृष्णैया सरकारी कार से पटना से वापस अपने जिले की ओर जा रहे थे। तभी छोटन शुक्ला के समर्थकों ने उसकी मौत पर प्रदर्शन किया। डीएम को कार से बाहर घसीटा गया और पीट-पीटकर मार डाला। इसी मामले में आनंद मोहन को गिरफ्तार किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्व सांसद आनंद मोहन 16 साल बाद हुए रिहा, DM की हत्या के मामले में मिली थी सजा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/former-mp-anand-mohan-released-after-16-years-convicted-in-dms-murder-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Apr 2023 04:06:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Mohan Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar News]]></category>
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					<description><![CDATA[बाहुबली नेता और राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद आनंद मोहन को 16 साल बाद जेल मुक्त कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक डीएम जी. कृष्णय्या हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काटने के बाद उन्हें गुरूवार (27 अप्रैल) सुबह करीब पांच बजे सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया। डीएम जी. कृष्णय्या की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बाहुबली नेता और राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद आनंद मोहन को 16 साल बाद जेल मुक्त कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक डीएम जी. कृष्णय्या हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काटने के बाद उन्हें गुरूवार (27 अप्रैल) सुबह करीब पांच बजे सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया। डीएम जी. कृष्णय्या की पत्नी ने इस रिहाई पर आपत्ति जताई है।</p>



<p>बता दें कि आनंद मोहन अपने बेटे और राजद से विधायक चेतन आनंद की सगाई के पैरोल पर बाहर आए थे। पैरोल समाप्त होने के बाद आनंद मोहन वापस जेल लौट गए। इसके बाद सरकार ने उन्हें रिहा करने के आदेश दे दिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>IAS अधिकारी की हत्या के दोषी</strong></h2>



<p>गोपालगंज के जिलाधिकारी जी कृष्णैया 5 दिसंबर 1994 को हाजीपुर से गोपालगंज लौट रहे थे। इसी दौरान मुजफ्फरपुर में आनंद मोहन के समर्थक DM की गाड़ी को देखते ही उन पर टूट पड़े। पहले उन्हें पीटा गया, फिर गोली मारकर हत्या कर दी थी।</p>



<p>आरोप लगा कि भीड़ को आनंद मोहन ने ही उकसाया था। घटना के 12 साल बाद 2007 में लोअर कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। आजाद भारत में यह पहला मामला था, जिसमें एक राजनेता को मौत की सजा दी गई थी। हालांकि साल 2008 में हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>कांग्रेस ने सरकार को घेरा</strong></h2>



<p>आनंद मोहन की पैरोल से लेकर सरकार के रिहा करने के आदेश पर बिहार की राजनीति उबाल मार रही है। बिहार में कांग्रेस राजद और जेडीयू को घेरती दिख रही है। आरोप है कि आनंद मोहन की रिहाई के लिए बिहार सरकार ने जेल के नियम ही बदल दिए।</p>



<p>उन्हें रिहा करने के लिए बिहार सरकार ने जेल नियमों में बदलाव किया, तब जाकर उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। आनंद मोहन के साथ 27 अन्य कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया गया। हालांकि बीजेपी इस मामले पर साफतौर पर कुछ कहने से बचती दिख रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>बीजेपी ने रिहाई को सही बताया</strong></h2>



<p>बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी रिहाई से किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आनंद मोहन के आड़ में इस सरकार ने जो काम किया है उसे समाज कभी माफ नहीं करेगा बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा &#8216;वो बेचारे तो बलि के बकरा हैं। वो तो इतनी सजा भोगे हैं आनंद मोहन की रिहाई को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं लेकिन आनंद मोहन के आड़ में जो काम किया है इस सरकार ने, उसे समाज कभी माफ नहीं करेगा। हालांकि गिरिराज सिंह ने 27 अन्य कैदियों की रिहाई के आदेश को गलत बताया है।</p>



<p>ये भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/state/why-was-nsa-imposed-on-manish-kashyap-why-such-retaliation-supreme-court/">मनीष कश्यप पर NSA क्यों लगाया? ऐसा प्रतिशोध क्यों: सुप्रीम कोर्ट</a></p>
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