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Uttar Pradesh: आम के आम गुठलियों के भी दाम, अब खेतों में नहीं जलानी पड़ेगी पराली

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Uttar Pradesh: शाहजहांपुर जिले के किसानों को अब फसल अवशेष पराली की समस्या से निजात मिलने जा रही है। अब किसानों को अपने खेतों में पराली नहीं जलानी पड़ेगी बल्कि अब पराली किसानों के लिए आय का जरिया बनने जा रही है। शाहजहांपुर में लाथर ग्रीन एनर्जी कंपनी किसानों के खेतों से पराली खरीदेगी।

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कृषि उप निदेशक धीरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि अब किसानों को फसल अवशेष पराली को खेतों में नहीं जलाना पड़ेगा। गुजरात की एक प्राइवेट कंपनी शाहजहांपुर में बायोफ्यूल बनाने के लिए प्लांट लगा रही है जो किसानों से पराली खरीदेगी। कृषि विभाग द्वारा कई जगह पर डंपिंग यार्ड भी बनाए गए हैं, यहां पर किसान धान की फसल को काटने के बाद पराली को उस जगह पर लाकर डंप कर देंगे। यहां से लाथर ग्रीन एनर्जी पराली को भी उठाकर अपने प्लांट तक ले जाएगी।

लाथर ग्रीन एनर्जी करेगी पराली का निस्तारण

निगोही क्षेत्र के गुलडिया चकझाऊ गांव में लाथर ग्रीन एनर्जी ने अपना प्लांट लगा रही है। यहां पर बायोफ्यूल बनाया जाएगा। कंपनी के डायरेक्टर तेजवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने जिले के 241 किसानों से एमओयू भी साइन कर लिया है और अप्रैल महीने तक उनका प्लांट शुरू हो जाएगा। यह प्लांट 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा।

बायो सीएनजी का होगा प्रोडक्शन

लाथर ग्रीन एनर्जी नेचर ग्रास और प्रेसमड (चीनी मिल से निकली मैली) से बायो सीएनजी (CNG) बनाएगी। इसके बाद निकलने वाली सलरी में पराली मिक्स करके पैलेट तैयार किए जाएंगे जो ईंधन के तौर पर काम आएंगे। उप निदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह बताते हैं कि पराली निस्तारण के लिए तहसील, ब्लाक और ग्राम स्तर पर कमेटी का गठित कर दी गई हैं जो किसानों को पराली ना जलाने के लिए जागरूक करेंगी और किसानों को बताएंगी कि उनके खेतों की पराली अब रुपयों में कैसे बदलेगी।

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