Advertisement

Barmer Rape Case: दरिंदगी की हदें पार! Dalit महिला पर रेप कर फेंका एसिड

Share
Advertisement

Barmer Rape Case: एक औरत के साथ दुषकर्म कर उसपर ऐसिड फेंक दिया जाता है। पुलिस मामले पर FIR दर्ज नहीं करती, केस की गंभीरता बढ़ती है। और फिर मामला दर्ज भी होता है, फरार आरोपी को पकड़ लिया जाता है, और फिर नेता बयान बाजी करते हैं और इस पर शुरू होता है सियासी खेल।, लेकिन मसला ये है कि ऐसी खबरें कब तक हमारे अखबारों के फ्रंट पेज पर आएगी, कब तक टीवी स्क्रीन पर हेडलाइन बनती रहेगी।

Advertisement

हमारे देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों की संख्या आए दिन बढ़ रही है। अब इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ख़बर राजस्थान के बारमेड़ से सामने आई है। दरअसल, मामला बालोतरा का है। जहां, एक दलित महिला के साथ रेप जैसे घिनौने अपराध को अंजाम दिया जाता है। इतना ही नहीं हैवान की हैवानियत यहीं नहीं रूकती, दुष्कर्म कर, महिला पर तेजाब डाल दिया जाता है, जिससे महिला से बूरी तरह से झुलस जाती है। आरोप लगते हैं, एक शकूर खान नाम के पड़ोसी पर।

आपके जहन में एक सवाल आएगा, की इतना सब हो गया, पुलिस ने क्या किया होगा? सब बताते हैं, लेकिन इस मामले को थोड़ा रिवाइंड करते हैं। जानते हैं कैसे आरोपी अराध की सीढ़ी चढ़ता गया? पीड़ित महिला के पति बताते हैं, कि घर पर कोई नहीं था, वो काम पर गए थे और बच्चे अपने स्कूल, पड़ोसी शकूर मौके का फायदा उठाकर घर में घूसा, वो महिला का रेप करता है, तेजाब डालता है और फरार हो जाता है। महिला को जोधपुर रेफर कर दिया जाता है, ताकि उसका इलाज अच्छे से हो सकें। पर महिला इलाज के दौरान दम तोड़ देती है।

पति FIR दर्ज करवाता है, लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लेती, इसी बीच मामला तूल पकड़ता है, और केस पहुंच जाता है, राजनीति के दरवाजे पर। आपको बता दें कि वसुंधरा राजे ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा, “राजस्थान में अब कोई सुरक्षित नहीं है। दलित और महिलाएं तो बिलकुल नहीं।”

इसी बीच आईए हम आपको राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों की संख्या बताते हैं जो आपको हैरान कर देगी। NCRB यानी NATIONAL CRIME RECORD BUREAU की रिपोर्ट बताती है कि, प्रदेश में 2020 में 34,535 मामले सामने आए थे। जो 2021 में बढ़कर 40,738 हो गए थे।

आपको बता दें कि इस संख्या के साथ राजस्थान देश का दूसरा राज्य बना जहां, महिलाओं के खिलाफ अपराध सबसे ज्यादा हो। पर अब देखना होगा कि सरकार और न्यायपालिका क्या एक्शन लेती है? क्या पीड़िता को इंसाफ मिलेगा? या ये मामला एक फाइल में बंद होकर हमेशा के लिए एक राजस्थान का एक काला दिन बन जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अन्य खबरें