Amritpal Singh ने इस्तेमाल की थी जो बाइक, पुलिस को इस शहर में मिली

पंजाब पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। दरअसल, जिस मोटरसाइकिल पर खालिस्तानी समर्थक और भगोड़ा अमृतपाल सिंह भाग गया था, वो पंजाब पुलिस को मिल गई है। आपको बता दें कि बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल जालंधर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर दारापुर इलाके में एक नहर के पास लावारिस अवस्था में मिली थी।
भगोड़े अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह और सहयोगी हरप्रीत सिंह के सरेंडर करने से पहले वे महतपुर के पास उधोवाल गांव के सरपंच के घर में जबरदस्ती घुस गए थे और उन्हें डरा धमका कर वहीं रुक गए थे। सरपंच मनप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि उसका भाई कमलप्रीत सिंह उनके घर पर था, जब मर्सिडीज कार में दो व्यक्ति आए और उसके भाई को गेट खोलने की धमकी दी।
उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे भाई को अपने रहने के लिए एक कमरा खोलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने हमारे परिवार को भी घर के भीतर रहने के लिए मजबूर किया और पुलिस को सूचित न करने की धमकी दी।”
18 मार्च की कार्रवाई के सिलसिले में 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि, अमृतपाल सिंह भाग गया था। इसपर पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने मंगलवार को कहा कि वो एक गुरुद्वारे में कपड़े बदलकर भाग गया और बाइक पर भाग गया। उसके द्वारा पहले इस्तेमाल की गई कार को पुलिस ने बरामद कर लिया है।
“हमने वो कार बरामद कर ली है जिसका इस्तेमाल अमृतपाल ने बचने के लिए किया था। भागने के बाद, अमृतपाल नंगल अंबियन के एक गुरुद्वारे में गया, जहां उसने अपने कपड़े बदले और एक बाइक पर निकल गया।” उन्होंने कहा, “गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है।”
उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है।
पुलिस ने अमृतपाल सिंह को भगाने में मदद करने के आरोप में चार लोगों मनप्रीत सिंह, गुरदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और गुरभेज सिंह को भी गिरफ्तार किया है। आईजी गिल ने कहा कि पुलिस ने एनएसए के तहत कुलवंत सिंह राओके और गुरिंदरपाल सिंह को भी गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है। आपको बता दें कि पुलिस ने अमृतपाल सिंह के ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य में बड़े पैमाने पर तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया है।