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पूरी दिल्ली एक साथ मनाएगी गणेश चतुर्थी, दिल्ली सरकार की तरफ से आयोजित भव्य पूजन कार्यक्रम का होगा लाइव प्रसारण

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नई दिल्ली:  पूरी दिल्ली आज एक साथ मिलकर गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाएगी। इसके लिए दिल्ली सरकार द्वारा भव्य पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने सभी मंत्रियों के साथ पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और इसका सभी टीवी चैनल्स पर शाम 7 बजे से लाइव प्रसारण होगा।

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आज शाम 7 बजे से शुरू होने वाले पूजन कार्यक्रम में सीएम अरविंद केजरीवाल अपने सभी मंत्रियों के साथ लेंगे हिस्सा

मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना के चलते दिल्ली में पंडालों के सार्वजनिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं है, ताकि भीड़ से बचा जा सके। उन्होंने सभी देशवासियों से परिवार के साथ अपने घरों से टीवी के जरिए इस कार्यक्रम में जुड़कर भगवान गणेश जी की वंदना करने की अपील की और कहा कि 130 करोड़ भारतीय एक साथ मिलकर भगवान गणपति की वंदना करेंगे, तो चमत्कार होगा और सभी की मनोकामनाएं पूरी होंगी। सीएम ने कहा कि हम सभी को अपने बच्चों को भारत में गणेश चतुर्थी उत्सव के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताना चाहिए और उनमें आध्यात्मिकता और देशभक्ति के मिश्रण को विकसित करना चाहिए।

कोरोना के चलते दिल्ली में पंडालों के सार्वजनिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं है, ताकि भीड़ से बचा जा सके: CM

CM ने गणेश चतुर्थी पर्व के अवसर पर आज शाम आयोजित होने वाले भव्य पूजन समारोह के संबंध में डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गणेश चतुर्थी है। आज भगवान श्री गणेश जी हमारे घर पधारे हैं और हमारे घर में वास करते हैं। पारंपरिक रूप से भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हम सब अपने-अपने घरों में भगवान गणपति जी की प्रतिमा को स्थापित कर उनकी प्राण-प्रतिष्ठा सहित पूजा करते हैं। हिन्दू धर्म में भगवान गणेश प्रथम देवता भगवान हैं। गणेश जी सभी विघ्नों का नाश करने वाले विघ्नहर्ता हैं।

सभी देशवासियों से अपील, आप सभी परिवार के साथ अपने घरों से टीवी के जरिए इस कार्यक्रम में जुड़कर भगवान श्री गणेश जी की वंदना करें: सीएम

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ब्रिटिश काल में लोग किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम या उत्सव को साथ मिलकर या एक जगह इकट्ठे होकर नहीं बना सकते थे। इसलिए लोग घरों में पूजा किया करते थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी ने पुणे में पहली बार सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव मनाया। आगे चलकर उनकी वह कोशिश एक आंदोलन बनी और स्वतंत्रता आंदोलन में इस गणेशोत्सव ने लोगों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। एक तरफ से गणेश चतुर्थी के लोगों को इकट्ठा करने का काम किया।

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