Uttarakhand: महाराष्ट्र के बाद देवभूमि में ‘हनुमान चालीसा’ विवाद, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमला

महाराष्ट्र के बाद अब देवभूमि उत्तराखंड Uttarakhand में हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa विवाद देखने को मिला है. हल्द्वानी में रविवार की रात हनुमान चालीसा पढ़कर लौट रहे बजरंग दल Bajrang Dal कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया.

Share This News
हलद्वानी

हलद्वानी

महाराष्ट्र के बाद अब देवभूमि उत्तराखंड Uttarakhand में हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa विवाद देखने को मिला है. हल्द्वानी में रविवार की रात हनुमान चालीसा पढ़कर लौट रहे बजरंग दल Bajrang Dal कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया. बताया जा रहा है कि विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव भी किया है. जिसके बाद मौके पर जमकर बवाल हुआ.

थाने में भी हुआ बवाल

मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया और थाने लेकर आ गई. बवाल यहां भी नहीं थमा रात को थाने में भी जमकर बवाल हुआ. भीड़ ने दो आरोपियों को थाने में ही दबोच लिया. पुलिस ने छुड़ाकर थाने में बंद कर दिया. जानकारी पाकर मेयर जोगेंद्र रौतेला भी रात को ही थाने में पहुंच गए.

आपको बता दे, हलद्वानी के शीशमहल क्षेत्र के निवासी बजरंग दल कार्यकर्ता काठगोदाम स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर से हनुमान चालीसा का पाठ करके लौट रहे थे. शीशमहल गेट पर 4 से 5 बाइक सवारों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया. जिसके बाद शोर सुनकर स्थानीय निवासियों ने 3 आरोपियों को मौके पर दबोच लिया.  

धारदार हथियारों से लैस होकर आए आरोपी

मौके पर करीब 10 मिनट तक बवाल चलता रहा और पुलिस को सूचना दे दी गई. पकड़े गए आरोपियों के साथ भी धारदार हथियार लेकर मौके पर पहुंच गए और अपने साथियों को छुड़ा लिया. भीड़ ने एक आरोपी को दुकान में बंद कर दिया था. जिसे पुलिस थाने लेकर आ गई. बताया जा रहा है पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ ही मारपीट कर दी. जिसके बाद थाने में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मेयर की उपस्थिति में जमकर हंगामा किया.

थाने में एसपी समेत फोर्स मौजूद

काठगोदाम थाने में सूचना पर हलद्वानी नगर निगम के मेयर जोगेंद्र रौतेला मौजूद थे. साथ ही देर रात SP सिटी हरबंस सिंह, CO सिटी भूपेंद्र धौनी और कई थानों की फोर्स Force मौके पर पहुंच गई. लोगों ने देर रात तहरीर देने के बाद यह कहकर वापस ले ली कि पुलिस बिना तहरीर के ही उचित कार्रवाई करे.

Share This News

Leave a Reply

Your email address will not be published.