क्या सपा से दूरी बनाएंगे आजम खान ? मुस्लिम संगठनों के बीच जाने को लेकर दे दिया बड़ा संकेत

दो दिन पहले आजम खान Azam Khan करीब 27 महीनों के बाद सीतापुर जेल Sitapur Jail से रिहा हो गए. इसके बाद रामपुर लौटते ही जमकर गरजे. इस दौरान उन्होंने कई बड़े संकेत दे दिए और अपने विरोधियों पर जमकर बरसे

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दो दिन पहले आजम खान Azam Khan करीब 27 महीनों के बाद सीतापुर जेल Sitapur Jail से रिहा हो गए. इसके बाद रामपुर लौटते ही जमकर गरजे. इस दौरान उन्होंने कई बड़े संकेत दे दिए और अपने विरोधियों पर जमकर बरसे. आजम खान ने अखिलेश यादव से नाराजगी और नए राजनीतिक विकल्प को लेकर बड़ा संकेत दिया है. आजम खान ने अखिलेश यादव को लेकर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन, खुद को विपक्ष का बड़ा नेता बता दिया.

सपा से मोहभंग होने का दिया संकेत

आजम खान ने कहा वह अब इस्लामिक संगठनों के बीच जाएंगे और सभी संगठनों से बातचीत करेंगे. इसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. यह आजम खान ने फ्यूचर प्लान सबके सामने रखा. संकेत साफ है वह सपा से दूरी बनाना चाहते हैं क्योंकि, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने एकमुश्त होकर सपा को वोट दिया था. अब मुस्लिम संगठनों के बीच जाना सपा से मोहभंग होने का संकेत करता है.

मुसलमानों की स्थिति पर बोले आजम

बता दे कि,शुक्रवार को यूपी की सीतापुर जेल से अपने घर रामपुर लौटने के बाद आजम खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान आजम खान ने देश के मौजूदा हालात और मुसलमानों की स्थिति पर कहा, मुसलमानों को जो भी सजा मिल रही है, वो उनके राइट ऑफ वोट की वजह से मिल रही है. सभी राजनैतिक दल ये समझते हैं कि मुसलमान सियासी दलों के राजनीतिक समीकरण खराब कर देते हैं.

वोट हमारी बर्बादी की वजह

आगे, आजम खान ने कहा कि बरेली का मरकज हो, मुबारकपुर हो, देवबंद हो या नदवा..इन सभी से मैं इस बार कोशिश करूंगा कि हम सोचे कि कहीं ये वोट तो हमारी बर्बादी की वजह तो नहीं है. शायद आप मेरा मतलब समझ सके. इस दौरान आजम खान सीधे-सीधे फ्यूचर को लेकर बड़ा संकेत दे रहे थे. दरअसल, यूपी चुनाव के बाद चर्चा जोरों से चल रही है कि आजम खान अखिलेश यादव से नाराज है और मुश्किल समय में अखिलेश यादव ने आजम खान का साथ नहीं दिया है. जिसके बाद आजम खान के करीबियों ने सपा से इस्तीफा भी दे दिया है.

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