राज्य सरकार बिजली बिल उपभोक्ताओं के हित का संरक्षण करने के लिए संकल्पित: CM योगी

लखनऊ: गुरुवार को टीम-09 के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी सहित सभी संबंधित कर्मियों को सक्रिय किया जाए। ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग अंतर्विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष अभियान चलाया जाए। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। पानी उबाल कर छान कर पीने की जानकारी दें। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जाएं। पंचायती राज और नगर विकास विभाग द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी स्वच्छता-सैनीटाइजेशन का कार्य कराया जाए।

बिजली बिल में ओवरबिलिंग और फाल्स बिलिंग की शिकायतें आई : CM

साथ ही उन्होनें कहा कि यह सभी कार्य मिशन मोड में सभी 75 जिलों में तत्काल प्रारम्भ कर दिए जाएं। कोरोना के कारण असमय काल-कवलित हुए कार्मिकों के परिजनों के साथ शासन की पूरी सहानुभूति है। यद्यपि कि अधिकांश आश्रितों को सेवायोजित किया जा चुका है, फिर भी जो केस अभी लंबित हैं, उन पर तत्काल निर्णय लें। इसमें कतई विलंब न हो। विभागीय मंत्री के साथ विचार-विमर्श कर एकमुश्त समाधान की व्यवहारिक योजना दो दिवस के भीतर प्रस्तुत की जाए। राज्य सरकार बिजली बिल उपभोक्ताओं के हित का संरक्षण करने के लिए संकल्पित है। बावजूद इसके कई जिलों से बिजली बिल में ओवरबिलिंग और फाल्स बिलिंग की शिकायतें आई हैं।

कोविड के खिलाफ लड़ाई में टीके की महत्ता स्वयं सिद्ध : मुख्यमंत्री

सीएम ने कहा कि कोविड के खिलाफ लड़ाई में टीके की महत्ता स्वयं सिद्ध है। इसके दृष्टिगत, प्रदेशवासियों को टीका-कवर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। उत्तर प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन का आंकड़ा 07 करोड़ 41 लाख 72 हजार के पार हो चुका है। विगत दिवस 9 लाख 61 हजार से अधिक लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया। अब तक 06 करोड़ 22 लाख 91 हजार से अधिक नागरिकों ने टीके की कम से कम एक खुराक प्राप्त कर ली है। यह देश के किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है। टीके की सुचारु आपूर्ति के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाया जाए।

भविष्य की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना अभियान : सीएम योगी

आगे CM बोले कि भविष्य की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना अभियान स्वरूप में की जा रही है। जिला प्रशासन इन प्लांट्स के स्थापना कार्य की सतत मॉनीटरिंग करे। इन प्लांट्स के संचालन के लिए आईटीआई से प्रशिक्षित 332 युवाओं को  जिम्मेदारी दी गई है।  स्थानीय स्तर पर पैरामेडिक्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण  कराया जाए। बहुत जल्द उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन के पैमाने पर आत्मनिर्भर होगा। किसानों, व्यापारियों और अन्य छोटे उपभोक्ताओं के बिजली बकाये के एकमुश्त समाधान के लिए यथाशीघ्र नवीन योजना प्रस्तुत की जाए।

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