कांग्रेस ने हाथरस पीड़िता के घरवालों को चुनाव लड़ने का दिया प्रस्ताव, घरवालों ने कहा- सुरक्षा देने वालों के खिलाफ कैसे लड़ सकते हैं चुनाव?

लड़की हूं लड़ सकती हूं कैंपेन के तहत कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची में 50 महिलाओं के नाम जारी किए। इस लिस्ट में कुछ महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने समाज में अत्याचार को किसी न किसी रुप में झेला है।  इस सूची में उन्नाव में रेप पीड़िता की मां आशा सिंह को भी टिकट दिया है।

हाथरस रेप पीड़िता के परिवार को भी टिकट देने की थी पेशकश

कांग्रेस पार्टी ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार को भी टिकट देने की पेशकश की थी, लेकिन पीड़िता के घरवालों ने टिकट लेने से मना कर दिया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के भाई संदीप ने कहा कि अगर वो चुनाव लड़ेंगे तो इससे केस कमजोर होगा।

आगे उन्होंने बताया, हम अगर चुनाव लडेंगे तो इससे हमें बहुत नुकसान होगा, क्योंकि इलाके के 22 गांव में ठाकूर और ब्राहमण बहुसंख्यक हैं। जिस गांव में हम रहते हैं यहां भी सिर्फ 4 घर दलितों का है। ऐसे में अगर हम चुनाव हारते हैं तो लेने के देने पड़ जाएंगे।

जिनसे सुरक्षा लेंगे उनके खिलाफ कैसे लड़ेगे: पीड़िता का भाई संदीप

संदीप ने सवाल करते हुए कहा, मेरे और मेरे परिवार की रक्षा सरकार करती है, कांग्रेस हमें जिन लोगों के खिलाफ खड़ा करना चाहती है वे हमारे रक्षक हैं। जो सुरक्षा देते हैं उनके खिलाफ कैसे चुनाव लड़ सकते हैं।

कांग्रेस ने कई शोषित महिलाओं को दिया टिकट

कांग्रेस द्वारा जारी किये गए उम्मीदवारों की लिस्ट में 50 महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं में से कुछ ऐसी महिलाएं हैं जो बीते समय में अपने ऊपर हुए अत्याचारों को लेकर चर्चा में रही हैं।

आशा सिंह

उन्नाव रेप मामले में भाजपा के विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार का मामला सामना आया। उसके बाद पीड़िता के पिता की हत्या कर दी जाती है। कुछ समय बाद पीड़िता की भी मौत हो जाती है। लेकिन पीड़िता की मां अंत तक लड़ती रही और कुलदीप सेंगर को सलाखों के पीछे पहुंचाया। कांग्रेस द्वारा जारी 50 महिलाओं की सूची में आशा सिंह (पीड़िता की मां) को भी टिकट दिया गया है। आशा सिंह उन्नाव विधानसभा से चुनाव लडेंगी।  

ऋतु सिंह

पिछले साल अगस्त में ब्लॉक प्रमुख चुनावों के दौरान हुई हिंसा के कारण यूपी ख़बरों में रहा था। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में कहीं गोली चली थी तो कही से पर्चा छीना गया था। इसी उपद्रव के दौरान लखीमपुर खीरी के पसगवां ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन के दौरान प्रत्याशी ऋतु सिंह की साड़ी खींची गई थी। जब मामले की जांच हुई तो सामने आया कि आरोपी युवक BJP सांसद रेखा वर्मा का रिश्तेदार है। अब कांग्रेस ने ऋतु सिंह को मोहम्मदी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का टिकट दिया है।

सदफ जफर

साल 2019-2020 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सदफ को महिला पुलिस के बजाए पुरुष पुलिसकर्मियों ने पीटा था। आरोप भी लगे कि उन्होंने भीड़ को उकसाने की कोशिश कर रही है। अब कांग्रेस ने सदफ जफर को लखनऊ सेंट्रल से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है।

पूनम पांडे

कोरोना के समय में लगातार काम करने वाली आशाकर्मी जब योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोका गया। जब आशाकर्मियों ने जिद की तो उन्हें पुलिस ने बहुत पीटा। मामले ने सोशल मीडिया के जरिए तूल पकड़ा तब जाकर प्रियंका ने इन महिलाओं से मुलाकात की। अब उन्हीं आशाकर्मी में एक पूनम पांडे को कांग्रेस ने टिकट देकर मैदान में उतारा है। पूनम पांडे शाहजहांपूर से चुनाव में उतारेंगी।

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