CM सोरेन, राज्यपाल रमेश बैस और विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो झारखण्ड विधानसभा के 21वें वर्षगांठ समारोह में हुए शामिल

रांची: राज्यपाल रमेश बैस ने झारखण्ड विधानसभा के 21वें वर्षगांठ समारोह में कहा कि विधानसभा की कार्यवाही से आम जनता को काफी अपेक्षायें रहती हैं। आज का दिवस एक तरफ विधान सभा की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ ही दूसरी ओर उन कमियों, नीतियों और कार्य पद्धतियों पर मंथन एवं चिन्तन करने का भी अवसर है, जिससे कि कैसे हम और भी बेहतर ढंग से काम करें और जनहित की आवश्यकताओं और उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर और संवेदनशील रहें ताकि उसके अनुरूप सरकारी नीतियां और योजनाएँ बनाई जा सकें। सदन में वाद-विवाद हो, उच्च स्तर का हो, उसमें गंभीरता हो और सुचारू रूप से हो, इसका भी ध्यान रखने की आवश्यकता है।

समावेशी विकास हेतु हो रहा कार्य

विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आज हर्ष का दिन है। हम सभी स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित हुए हैं। यह अवसर राज्य गठन की परिकल्पना करने वाले एवं इस आंदोलन को अपने लहू से सींचने वाले आंदोलनकारियों को नमन करने के साथ राज्य गठन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु समीक्षा करने का अवसर भी है। झारखण्ड राज्य में चलने वाला आंदोलन देश में राज्य निर्माण के लिए लंबा और शांतिपूर्ण चलने वाला सबसे बड़ा आंदोलन था। झारखण्ड में समावेशी विकास और राज्य गठन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सरकार प्रयासरत है। राज्यवासियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से कार्य हो रहा है।

विधानसभा जहां राज्य भर का चेहरा दिखाई देता है

हम सभी सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका में विधानसभा में रहते हैं और एक ही परिसर के अंदर पूरे राज्य के विषय में चिंतन- मंथन करते हैं। खट्टे-मीठे नोक-झोंक के साथ नीति निर्धारण होता है। विधानसभा ऐसा आईना है, जहां राज्य भर का चेहरा दिखाई देता है। विधानसभा के माध्यम से राज्य को दिशा देने का प्रयास होता है। संवैधानिक व्यवस्था के तहत पक्ष और विपक्ष की भूमिका में हम कार्य करते हैं, जिसका परम लक्ष्य विकास और राज्य की जनता को अधिकार देना है।

दो वर्ष पूर्ण होने तक सभी को योजना से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है। आपके अधिकार- आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए जरूरतमंदों को योजनाओं से जोड़ने का काम हो रहा है। झारखण्ड के सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों परित्यक्त महिलाओं को सर्वजन पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। यह कार्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने तक पूरा करने का प्रयास हो रहा है। पेंशन योजना के तहत अब किसी तरह का लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा। सभी जरूरतमंदों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार घर-घर जाकर समस्याओं का समाधान करने में जुटी है।

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