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	<title>Blogs, हिंदी ब्लॉग, Writer Blogs, Blogs in Hindi - Hindi Khabar</title>
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		<title>Asthma In Winters: सर्दियों में अस्थमा के मरीज रखें इन बातों का ख्याल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/asthma-in-winters-asthma-patients-should-take-care-of-these-things-in-winters/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Dec 2023 11:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Asthma In Winters]]></category>
		<category><![CDATA[Health Tips]]></category>
		<category><![CDATA[how to manage winter asthma]]></category>
		<category><![CDATA[Winter season]]></category>
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					<description><![CDATA[Asthma In Winters: अस्थमा मौसम में अधिक होता है। जो कई समस्याओं का कारण बनता है। कभी-कभी अधिक ठंड और सर्द हवाओं के कारण सांस फूलने की समस्या काफी बढ़ जाती है। अगर आप भी अस्थमा से पीड़ित हैं या इस तरह की स्थिति से जूझ रहे हैं, तो आप इन बातों को ध्यान में &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Asthma In Winters: </strong>अस्थमा मौसम में अधिक होता है। जो कई समस्याओं का कारण बनता है। कभी-कभी अधिक ठंड और सर्द हवाओं के कारण सांस फूलने की समस्या काफी बढ़ जाती है। अगर आप भी अस्थमा से पीड़ित हैं  या इस तरह की स्थिति से जूझ रहे हैं, तो आप इन बातों को ध्यान में रखना जररुी है चाहिए। सर्दियों में अधिक प्रदूषित और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जब आप घर से निकलते हैं, मास्क लगाकर ही चलें। समय पर भोजन करें। धूम्रपान वाली जगह पर पूरी तरह खड़े नहीं होना चाहिए। ताजा खाना खाना चाहिए। बाहर के खान से बचना चाहिए। गर्मियों में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। स्वच्छ पानी पीना चाहिए। पालक, चुकंदर और मसूर की दाल खाओ।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Asthma In Winters: रात को अस्थमा अटैक के खतरे से कैसे बचें?</h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Health Experts कहते हैं कि आप अपनी दवा लेने के साथ-साथ रेगुलरली अस्थमा अटैक की संभावना को कम कर सकते हैं। आप इस खतरनाक स्थिति से बचने के लिए क्या कर सकते हैं, आइए जानते हैं।</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आपना कमरा साफ रखें:</strong> रात में अस्थमा अटैक से बचने के लिए आपको अपने कमरे को साफ रखना सबसे पहला काम है। हर दिन झाडू और पोछा लगाएं। ध्यान देने योग्य स्थानों (जैसे अलमारी के ऊपर, पंखे के ब्लेड) को भी साफ करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गद्दे को कवर करें: </strong>डस्ट-प्रूफ गद्दे और तकिए के कवर धूल, मिट्टी और गंदगी को बिस्तर में जाने से रोकते हैं। जर्नल साइंस डेली में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, बेडरूम में धूल के कणों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका गद्दे और तकिए पर कवर लगाना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हर हफ्ते एक बार चादर धोएं: </strong>घर की सफाई के साथ-साथ चादर भी सफाई होनी चाहिए। अस्थमा से बचने के लिए हर हफ्ते चादर धोने की आदत डालें। अगर आपको अस्थमा नहीं है, तो हर हफ्ते तकिए और चादर धोएं। इन्हें धोने के लिए गर्म पानी की जगह ठंडे पानी का इस्तेमाल करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पालतू जानवरों को एक ही कमरे में नहीं सोने देना चाहिए: </strong>डॉक्टरों ने कहा कि पालतू जानवरों को, चाहे आप उन्हें नहलाते या धुलाते हों, बेडरूम से दूर रखें। क्योंकि वे घर या बाहर घूमते हैं और अपने शरीर और पैरों में कई तरह की गंदगी डालते हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सोते वक्त सिर ऊंचा रखें:</strong> एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर आप साइनस इन्फेक्शन से पीड़ित हैं, तो कभी भी सीध पर न बैठें; इससे पोस्टनेसल ड्रिप बढ़ सकता है, जो अस्थमा अटैक का कारण बन सकता है। सोते समय मुलायम तकिए से सिर को थोड़ा सा ऊंचा रखें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सोते वक्त एयर फ्रेशनर या स्ट्रॉन्ग परफ्यूम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए: </strong>परफ्यूम या एयर फ्रेशनर जैसे स्ट्रॉन्ग फ्रेगरेंस वाली चीजें अस्थमा अटैक का खतरा पैदा कर सकती हैं। एयरोसोल स्प्रे, वॉल प्लग-इन और सेंटेड मोमबत्तियां भी अस्थमा को भड़का सकते हैं</p>
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		<title>पत्नी की दहेजहत्या का आरोप, गाड़ी में शव लेकर गांव पहुंचा पति</title>
		<link>https://hindikhabar.com/dowry-death-allegation-allegation-of-dowry-murder-of-wife-husband-reached-village-carrying-dead-body-in-car/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Nov 2023 12:15:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[पुष्कर सिन्हा]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Aligarh News]]></category>
		<category><![CDATA[Dowry Death Allegation]]></category>
		<category><![CDATA[Ghaziabad News]]></category>
		<category><![CDATA[Murder]]></category>
		<category><![CDATA[up news]]></category>
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					<description><![CDATA[Dowry Death Allegation: गाजियाबाद से एक युवक अपनी पत्नी का शव कार में रखकर अपने गांव पहुंचा। बताया यहा कि दोनों का विवाह सात माह पूर्व हुआ था। इस मामले में युवती के परिवार वालों ने युवक पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि युवक शादी के कुछ दिन बाद से &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Dowry Death Allegation:</strong> गाजियाबाद से एक युवक अपनी पत्नी का शव कार में रखकर अपने गांव पहुंचा। बताया यहा कि दोनों का विवाह सात माह पूर्व हुआ था। इस मामले में युवती के परिवार वालों ने युवक पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि युवक शादी के कुछ दिन बाद से ही युवती को दहेज के लिए परेशान कर रहा था। पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम के लिए उसे पोस्टमार्टम हाउस भेजा है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में  मुकदमा दर्ज किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Dowry Death Allegation: रिश्तेदार का आरोप लड़की से की थी मारपीट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मृतका के रिश्तेदार नरेश ने बताया कि मेरे रिश्तेदार ने सात माह पहले गोंधा निवासी युवक से अपनी बेटी की शादी की थी। लड़का गरीब घर का था और यह लोग भी गरीब घर के थे। जैसे तैसे शादी के समय कुछ रुपये भी दिए लेकिन और दहेज की मांग की गई। शादी के बाद यह लड़का लड़की को गाजियाबाद लेकर चला गया। गाजियाबाद में 15 दिन बीत जाने के बाद लड़की के साथ मारपीट की। बेल्टों से पीटा और लड़की को फांसी लगा दी है। हत्या करने के बाद कार में शव रखकर अपने दोस्त के साथ अपने गांव आ गया। इसके बाद खुद थाने में हाजिर हो गया है। हम लोग डेड बॉडी लेकर थाने पहुंचे और थाने से पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Dowry Death Allegation: पिता बोले, घर के बाहर शव फेंककर आरोपी पति खुद चला गया थाने</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मृतक लड़की के पिता पप्पू ने बताया कि मेरी बेटी का नाम पूजा है। और मैं कासगंज के ढोलना गांव का रहने वाला हूं। मैंने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार बेटी की शादी सचिन से की थी। दहेज भी दिया था। शादी के बाद भी ₹50000 भेजे थे। मेरी लड़की को दहेज की मांग के चलते मार दिया गया। आरोपी पति गाजियाबाद से बेटी की डेडबॉडी लाकर अपने घर के बाहर फेंक कर खुद थाने चला गया है। लड़के का घर अलीगढ़ के थाना गोधा में बहरामपुर गांव में है। 7 माह पहले शादी की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रिपोर्टः अर्जुन देव वार्ष्णेय, संवाददाता, अलीगढ़, उत्तरप्रदेश</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a href="https://hindikhabar.com/state/private-part-cut-in-self-defense-rape-attempt-woman-cuts-young-mans-private-part-in-self-defense/"><strong>आरोपः रेप की कोशिश, आत्मरक्षा में महिला ने काटा युवक का गुप्तांग</strong></a></p>
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			</item>
		<item>
		<title>बॉलीवुड पर भारी पड़ा OTT, कहीं हो न जाए बासी !</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ott-platform-bollywood-competitor-ott-wouldnt-go-stale/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Oct 2023 14:20:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[OTT Platform: आजकल मनोरंजन के साधन में कोई कमी नहीं है. OTT के जमाने में एंटरटेनमेंट जस्ट वन स्टेप अवे है. यही कारण है कि हाल के कुछ वक्त में बॉलीवुड फिल्मों से ज्यादा डिमांड ओटीटी प्लेटफॉर्म की बढ़ी है. और इसकी सबसे बड़ी वजह रही है OTT का कंटेंट. कोविड के बाद से OTT  &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>OTT Platform:</strong> आजकल मनोरंजन के साधन में कोई कमी नहीं है. OTT के जमाने में एंटरटेनमेंट जस्ट वन स्टेप अवे है. यही कारण है कि हाल के कुछ वक्त में बॉलीवुड फिल्मों से ज्यादा डिमांड ओटीटी प्लेटफॉर्म की बढ़ी है. और इसकी सबसे बड़ी वजह रही है OTT का कंटेंट. कोविड के बाद से OTT  ने दर्शकों को काफी अच्छा कंटेंट दिया है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">न्यू फॉर्म ऑफ एंटरटेनमेंट</h2>



<p class="wp-block-paragraph">बासी होती बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रिप्ट के चलते मनोरंजन ढूंढ रहे दर्शकों का ओटीटी ने भरपूर साथ दिया है. क्योंकि दर्शक कुछ नया देखना चाहते थे, जो कि दशकों पुराना बॉलीवुड उन्हें प्रोवाइड नहीं कर पा रहा था. वो मनोरंजन का वो एसेंस ओटीटी के माध्यम बिल्कुल प्योर मिला.</p>



<h2 class="wp-block-heading">OTT Platform- गज़ब की स्क्रिप्ट</h2>



<p class="wp-block-paragraph">सोने पर सुहागा ओटीटी की कुछ उम्दा स्क्रिप्ट होती थी, जो कुछ अपनी सी मगर हटके थी. कोरोना काल में जब सिनेमा हॉल बंद थे, तब ओवर द टॉप यानी ओटीटी ने घर घर में अपनी जगह बनाई. बिल्कुल वैसे ही जैसे सास बहु सीरियलों ने एक ज़माने में बनाई थी. यहां फर्क सिर्फ इतना था कि ओटीटी से केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि यूथ का जुड़ाव ज्यादा है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">OTT Platform के बेहतरीन ऑप्शन</h2>



<p class="wp-block-paragraph">फिर ओटीटी में ऑप्शन भी तो कई हैं. दर्शकों के पास नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जियो सिनेमा, डिज़्नी प्लस हॉट स्टार, जी फाइव, शैमारू और सोनी लिव जैसे कई प्लेटफॉर्म हैं.</p>



<p class="wp-block-paragraph">साल दर साल ओटीटी के यूजर्स भी बढ़े हैं और इसका रेवन्यू भी बढ़ा है. आगे आने वाले सालों में ये लगातार बढ़ने ही वाला है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">बॉलीवुड में फिल्मों की एक जैसी कहानी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">जहां एक तरफ़ ब़ॉलीवुड केवल फॉर्मूला फिल्में जैसे Biopic और रिमेक को तव्वजू देता है वहीं ओटीटी के कंटेंट ने अहम रोल अदा किया है. लेकिन समय के साथ-साथ ओटीटी कंटेंट में भी रेपिटिशन आया है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">अब ओटीटी के कंटेंट में भी कुछ कमी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">जहां एक वक्त कई ओटीटी सीरीज़ की स्क्रिप्ट दर्शकों को जोड़े रखती थी, अब उसमें कुछ दूरियां आ रही हैं. एक तो ओटीटी बॉलीवुड फिल्मों को अपने प्लेटफॉर्म पर दिखाने में समय लेता है, वो भी कम से कम दो महीने. तब तक फिल्म अधिकतर लोग देख चुके होते हैं या फिर दर्शकों का इंटरेस्ट ही खत्म हो जाता है. साथ ही कंटेंट पर भी मेहनत कुछ कम हुई है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">OTT Platform को मेहनत की जरूररत</h2>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में ओटीटी मीडियम को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ मेहनत और क्रिएटिविटी जरूर दिखानी होगी नहीं तो ओटीटी का भी हाल बॉलीवुड जैसा हो सका है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">मनोरंजन के और भी हैं साधन</h2>



<p class="wp-block-paragraph">क्योंकि दर्शकों के पास मनोरंजन के साधनों की कमी नहीं है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर उन्हें फ्री मनोरंजन मिल जाता है. जहां कंटेंट की भी कोई कमी नहीं. तो फिर पैसे देकर सब्सक्राईबर्स को बासी कंटेंट क्यों देखना.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Health: पोषण की दुनिया में नया नाम Vitamin F, जानें इसके फायदे</title>
		<link>https://hindikhabar.com/health-vitamin-f-a-new-name-in-the-world-of-nutrition-know-its-benefits/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Aug 2022 10:05:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ़स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[health mantra]]></category>
		<category><![CDATA[Health News]]></category>
		<category><![CDATA[VITAMIN F]]></category>
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					<description><![CDATA[पोषण की दुनिया में एक नया नाम जुड़ चुका है जिसे Vitamin F के नाम से जाना जा रहा है। हालांकि, यह विटामिन नहीं है, यह असल में हेल्टी फैट्स हैं, जिन्हें विटामिन-एफ कहा जा रहा है। ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली:</strong> आज से पहले आपने विटामिन ए, बी, सी और के,  के बारे में पढ़ा ही होगा और इसके फायदे तो आप जानते ही होंगे। लेकिन पोषण की दुनिया में एक नया नाम जुड़ चुका है जिसे <strong>Vitamin F</strong> के नाम से जाना जा रहा है। हालांकि, यह विटामिन नहीं है, यह असल में हेल्टी फैट्स हैं, जिन्हें विटामिन-एफ कहा जा रहा है। एक आवश्यक फैटी एसिड, या लिपिड जो हमारे शरीर के काम को बढ़ावा देने, दिल के स्वास्थ्य का समर्थन करने और हमारी त्वचा को युवा और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या होता है Vitamin F?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Vitamin F</strong> दो आवश्यक फैटी एसिड्स से मिलकर बना होता है, एल्फा लीनोलेनिक एसिड (ALA), जो एक ओमेगा-3 फैटी एसिड है और लीनोलिएक एसिड (LA), जो ओमेगा-6 फैटी एसिड है। यह दोनों साथ में मिलकर हमारी स्किन की हेल्थ में एक अहम भूमिका निभाने के साथ, हमारे शरीर के काम को नियंत्रित करने और बढ़ावा देने में मदद करते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Vitamin F के फायदे</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Vitamin F</strong> ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ब्लड क्लोटिंग में करता है मदद।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जोड़ों और फेफड़ों की सूजन को करता है कम।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हृदय रोग के खतरे को कम करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दिमाग से जुड़ी अन्य समस्याओं और तनाव को कम करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किन चीजों में पाए जाते हैं Vitamin F</p>



<p class="wp-block-paragraph">नट्स: अखरोट, हेज़लनट्स, काजू, बादाम, पाइन नट्स।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बीज: फ्लेक्ससीड, चिया सीड्स, सूरजमुखी के बीज।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तेल: फ्लेक्ससीड का तेल, कानोला ऑयल, अखरोट का तेल, सोयाबीन का तेल।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत का वह मुसलमान जिसकी शहनाई की धुन के साथ खुलते थे काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट</title>
		<link>https://hindikhabar.com/bismillah-khan-the-muslim-of-india-whose-shehnai-used-to-open-the-doors-of-the-kashi-vishwanath-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Aug 2022 07:16:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Bharat Ratna]]></category>
		<category><![CDATA[Bismillah Khan]]></category>
		<category><![CDATA[Varanasi]]></category>
		<category><![CDATA[बिस्मिल्लाह खान]]></category>
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					<description><![CDATA[बिस्मिल्लाह खान मंदिर के पास के ही मोहल्ले में अपने मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर रहा करते थे. उनके कमरे की एक खिड़की काशी विश्वनाथ मंदिर की दिशा में खुला करती थी. जब तक उस्ताद जिंदा रहे बाबा भोलेनाथ को भोर में शहनाई बजाकर जगाते रहे.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">वैसे तो बनारस की सुबह पूरी दुनिया में आज भी मशहूर है. लेकिन यह सुबह और भी अधिक खूबसूरत हो जाती थी, जब बनारस में सुबह की पहली किरण के साथ मंदिरों में एक ओर घंटियों की टन-टन होती, तो दूसरी ओर शहनाई की तेज़ धुन बजती. इस शहनाई को बजाने वाले कोई और नहीं बल्कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान थे. जिस बनारसी गंगा जमुनी तहजीब का नाम आज भी दुनिया में बड़े अदब के साथ लिया जाता है, उसकी जीती जागती मिसाल थे बिस्मिल्लाह खान.</p>



<p class="wp-block-paragraph">वही बिस्मिल्लाह खान, जिनकी शहनाई सुनने विदेशों से लोग आते थे. एक ऐसे मुसलमान जिसने हिंदू मंदिर में रियाज़ किया और शहनाई को ही इबादत का सामान बना लिया. आज उनकी पुण्यतिथि है, आइए जानते हैं एक अल्हड़ बनारसी से भारत रत्न तक के उनके सफर तक के कुछ किस्से</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बिहार के डुमरांव से बनारस के घाट तक का सफर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">21 मार्च, 1916 को बिहार के डुमरांव जिले के एक मुस्लिम परिवार में एक बच्चे ने जन्म लिया. लेकिन किसी को क्या पता था कि यह बच्चा आगे चलकर शहनाई का पर्याय बिस्मिल्लाह खान बन जाएगा. बिस्मिल्लाह खान का ताल्लुक एक संगीत घराने से था. उनके माता और पिता दोनों ही संगीतकार थे. लेकिन 6 साल की उम्र में ही बिस्मिल्लाह खान अपने मामा अली बक्श को अपना गुरु बना लिया और उनके शागिर्द बन बनारस आ गए. यहां वे मामा अली बक्श के साथ गंगा घाट किनारे और मंदिरों में शहनाई का रियाज करने लगे.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उनकी शहनाई से खुलती थी बाबा काशी विश्वनाथ की नींद!</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बिस्मिल्लाह खान के मामा काशी विश्वनाथ मंदिर में शहनाई बजाया करते थे.बिस्मिल्लाह खान का भी मन होता कि वे बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएं. आखिरकार उनके मामा ने उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर में अपने साथ शहनाई बजाने का मौका दिया. जिसके बाद बाबा विश्वनाथ से उनका नाता सदा के लिए जुड़ गया. बिस्मिल्लाह खान मंदिर के पास के ही मोहल्ले में अपने मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर रहा करते थे. उनके कमरे की एक खिड़की काशी विश्वनाथ मंदिर की दिशा में खुला करती थी. जब तक उस्ताद जिंदा रहे बाबा भोलेनाथ को भोर में शहनाई बजाकर जगाते रहे.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हिंदू मुस्लिम एकता के जीती जागती मिसाल थे बिस्मिल्लाह खान</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बिस्मिल्लाह जानते थे कि वह मुस्लिम हैं बावजूद इसके वे माता सरस्वती को पूजते थे और उनसे अपनी कला को और बेहतर बनाने की दुआ मांगते थे. यही कारण रहा कि मां सरस्वती की कृपा बिस्मिल्लाह पर बरसी और वक़्त के साथ उनका हुनर बढ़ता गया.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ऑल इंडिया म्यूजिक कांफ्रेंस ने बदल दी किस्मत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बात 1937 की है जब कलकत्ता में ऑल इंडिया म्यूजिक कांफ्रेंस का आयोजन हुआ. संगीत के दूसरे महारथियों के सामने बिस्मिल्लाह खान को शहनाई बजाने का मौका मिला. कहते हैं कि उस शाम बिस्मिल्लाह खान ने ऐसी शहनाई बजाई कि हर कोई उनका दीवाना हो गया. उस दिन के बाद से शहनाई के प्रति सब का नज़रिया बदल गया. कलकत्ता से बिस्मिल्लाह खान ने इतना नाम कमाया कि वह जैसे ही वापस लौटे ऑल इंडिया रेडियो, लखनऊ ने उन्हें नौकरी पर रख लिया.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उस्ताद की शहनाई की धुनों के बीच आजाद भारत ने रखा पहला कदम</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">वह साल 1947 था. अंग्रेजी हुक़ूमत हार चुकी थी और भारत को आज़ादी मिल गयी थी. भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराकर आज़ादी का जश्न मनाया. उन्होंने इस जश्न में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को भी बुलावा भेजा. उस दिन पूरे देश ने उस्ताद की शहनाई से भारत की आज़ादी का राग सुना. साल 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने लाल किले से ‘राग कैफ़ी’ छेड़ा. वो राग इतना बुलंद था कि आज तक उसे गणतंत्र दिवस के मौके पर इस्तेमाल किया जाता है.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गंगा से लगाव के कारण ठुकराया अमेरिका का ऑफर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बिस्मिल्लाह खान को मां गंगा से बेहद लगाव था. यही कारण है कि फिल्मी दुनिया के लोगों के लाख कहने पर भी वे कभी मुंबई जाकर नहीं बसे. एक बार की बात है, खां साहब अमेरिका में किसी खास कार्यक्रम में प्रस्तुति पेश करने गये हुये थे. कार्यक्रम खत्म होते होते आयोजक महोदय के कायल हो गए. उन्होंने उस्ताद बिस्मिल्ला खां को अमेरिका में ही निवास करने का ऑफर तक दे दिया. लेकिन उस्ताद खां साहब ने भी जवाब में कहा-&#8216;साहब मेरा बनारस, यहां बसा दीजिए,मां गंगा का घाट और शिवाला यहां ले आइए. फिर अमेरिकी महाशय के पास कोई उत्तर देते नहीं बना.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गंगा में स्नान, मस्जिद में नमाज़, और मंदिर में रियाज</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">उस्ताद बिस्मिल्लाह खान हमेशा ही गंगा-जमुनी तहजीब का पालन करते थे. उनका धर्म भले ही अलग था मगर गंगा नदी और मंदिरों के लिए उनके दिल में बहुत इज्जत थी. खुद पर बनी एक डॉक्युमेंट्री में वह बनारस से अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि गंगा जी सामने है, यहाँ नहाइए, मस्जिद है, नमाज़ पढ़िए और बालाजी मंदिर में जा के रियाज़ करिए. बिस्मिल्लाह खान का ऐसी शख्सियत और संगीत के प्रति प्रेम ही था, जिसने उन्हें भारत रत्न, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पद्म श्री जैसे सर्वोच्च पुरस्कार दिलवाए.</p>
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		<title>75 Years of Independence: आजादी के अमृत महोत्सव पर इन जगहों को करें एक्सप्लोर, मन में जगेगी देशभक्ति</title>
		<link>https://hindikhabar.com/75-years-of-independence-explore-these-places-on-this-nectar-festival-of-independence-patriotism-will-awaken-in-your-mind/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 07:57:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Independence Day 2022]]></category>
		<category><![CDATA[India News In Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: देश स्वतंत्रता दिवस के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस पावन उत्सव के मौके पर देशभर में जश्न का माहौल है। लोग अपने परिवार वालों और दोस्तों के साथ जश्न मनाते हैं। इस मौके पर घर पर तिरंगा लगाते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और पतंगबाजी करते &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली</strong><strong>: </strong>देश स्वतंत्रता दिवस के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस पावन उत्सव के मौके पर देशभर में जश्न का माहौल है। लोग अपने परिवार वालों और दोस्तों के साथ जश्न मनाते हैं। इस मौके पर घर पर तिरंगा लगाते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और पतंगबाजी करते हैं। वहीं, कुछ लोग आजादी का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिकों जगहों की सैर करते हैं। अगर आप भी अपने दोस्तों के साथ आजादी का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिकों जगहों पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन जगहों को एक्स्प्लोर कर सकते हैं।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>देशभक्ति का जीवंत उदाहरण है ये जगहें –</strong><strong></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पर्यटकों के लिए लद्दाख बेस्ट डेस्टिनेशन है। बड़ी संख्या में पर्यटक लद्दाख घूमने जाते हैं। आप लद्दाख में अपने दोस्तों के साथ तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता दिवस मना सकते हैं। साथ ही फोटोशूट भी कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। पर्यटकों के लिए कश्मीर आकर्षण का केंद्र है। बड़ी संख्या में देश विदेश से पर्यटक कश्मीर घूमने आते हैं। धारा 370 के निरस्त के बाद कश्मीर में अमन और शांति लौट आई है। इसके लिए आजादी का अमृत महोत्सव अपने दोस्तों के साथ कश्मीर में सेलिब्रेट कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कारगिल युद्ध में शहीद जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए अपने दोस्तों के साथ कारगिल युद्ध स्मारक जरूर जाएं। इस दिन काफी संख्या में लोग कारगिल युद्ध स्मारक देखने आते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूं तो हर दिन वाघा बॉर्डर पर स्पेशल कार्यक्रम होता है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जश्न और उत्सव का माहौल रहता है। अगर आप स्वतंत्रता दिवस को स्पेशल बनाना चाहते हैं, तो अपने दोस्तों के साथ वाघा बॉर्डर पर आजादी का अमृत महोत्सव मना सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://www.jagran.com/lifestyle/travel-tourism-must-visit-patalpani-to-enjoy-vacation-know-all-the-things-about-it-22974675.html"><br></a><strong></strong></p>
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		<title>Health: क्या आपको भी काटते हैं ज्यादा मच्छर, जानिए मच्छरों क्या आकर्षित करता है</title>
		<link>https://hindikhabar.com/health-do-more-mosquitoes-bite-you-too-know-what-attracts-mosquitoes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Aug 2022 09:55:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अक्सर कई लोगों को मच्छर कुछ ज़्यादी ही काटते हैं। साथ ही लोग यह भी कहते है कि जिनका खून मीठा होता है, उनको मच्छर ज़्यादा काटते हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक मिथ है। वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं, कि ब्लड के टाइप के साथ और भी कई वजहें हैं जिनकी वजह से मच्छर &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">अक्सर कई लोगों को मच्छर कुछ ज़्यादी ही काटते हैं। साथ ही लोग यह भी कहते है कि जिनका खून मीठा होता है, उनको मच्छर ज़्यादा काटते हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक मिथ है। वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं, कि ब्लड के टाइप के साथ और भी कई वजहें हैं जिनकी वजह से मच्छर कुछ लोगों को ज़्यादा काटते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आखिर मच्छरों को क्या आकर्षित करता है –</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">शोध से पता चलता है कि मच्छर आमतौर पर काले रंग की तरफ ज़्यादा आकर्षित होते हैं। इसलिए अगर आपने काला या किसी तरह के गहरे रंग के कपड़े पहने हैं, तो आपको मच्छर ज़्यादा काटेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को दूसरों की तुलना मच्छर ज़्यादा काटते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके शरीर का तापमान ज़्यादा होता है और वे ज़्यादा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिसर्च के मुताबिक, जो लोग बियर पीते हैं, उन्हें मच्छर दूसरों की तुलना में ज़्यादा काटते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मच्छर अपने वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तन महसूस कर सकते हैं और इसलिए हर व्यक्ति की ओर अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने पर मच्छर को संभावित मेज़बान के बारे में पता चल जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मच्छर कुछ ऐसे यौगिकों की ओर आकर्षित होते हैं, जो पसीने में मौजूद होते हैं। इससे ऐसी गंध आती है जिससे मच्छर आपके पास खिंचे चले आते हैं। इन यौगिकों में लैक्टिक एसिड और अमोनिया शामिल हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से लोगों के शरीर से अलग-अलग तरह की गंध आती है, जिनमें जीन और त्वचा पर मौजूद कुछ बैक्टीरिया भी शामिल हैं।</p>
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		<title>Health: चाय के शौकीन ध्यान दें, ज्यादा चाय पीने से हो सकती है कई परेशानियां</title>
		<link>https://hindikhabar.com/health-attention-tea-lovers-drinking-too-much-tea-can-cause-many-problems/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Aug 2022 04:42:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दुनिया में अरबों लोग अपने दिन की शुरुआत चाय के साथ करते हैं। अधिकतर लोग दूध वाली चाय पसंद करता है तो कुछ लोग ग्रीन टी पीते हैं। चाय का उपयोग सदियों से चिकित्सा में किया जाता रहा है। चाय पीने के कई फायदे होते हैं। कई स्टडी में यह बात सामने आ चुकी है &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">दुनिया में अरबों लोग अपने दिन की शुरुआत चाय के साथ करते हैं। अधिकतर लोग दूध वाली चाय पसंद करता है तो कुछ लोग ग्रीन टी पीते हैं। चाय का उपयोग सदियों से चिकित्सा में किया जाता रहा है। चाय पीने के कई फायदे होते हैं। कई स्टडी में यह बात सामने आ चुकी है कि चाय पीने से कैंसर, मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का जोखिम कम हो सकता है। चाय एक लिमिट में पीनी चाहिए। अगर आप दिन में 3-4 कप या इससे ज्यादा चाय पी रहे हैं तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ज्यादा चाय पीने से कौन सी परेशानियां हो सकती हैं–</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दिन में बार-बार चाय पीने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या हो जाती है. एनीमिक लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ज्यादा चाय पीने से बेचैनी और थकान महसूस हो सकती है। चाय में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो शरीर में बेचैनी और थकान को बढ़ाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चाय की जितनी कप आपकी दिनचर्या में बढ़ेंगी, उतना ही नींद प्रभावित होगी। इससे मेंटल हेल्थ को नुकसान होता है और तनाव और एंजाइटी की समस्या हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैसे तो चाय पीने से कई लोगों को सिर दर्द दूर हो जाता है, लेकिन जब चाय दो-तीन बार से ज्यादा हो जाए तो सिर दर्द की वजह बन सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चाय पीने की वजह से व्यक्ति को पेट की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रेग्नेंसी में ज्यादा चाय पीने से महिला के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है। प्रेग्नेंसी में चाय से दूरी बनानी चाहिए।</p>
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		<title>Health Mantra: वजन कम करने से लेकर बैड कोलेस्ट्रोल को खत्म करता है अरबी का पत्ता, जानें इसके फायदे</title>
		<link>https://hindikhabar.com/health-mantra-from-reducing-weight-to-eliminating-bad-cholesterol-arabic-leaf-know-its-benefits/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Aug 2022 09:14:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[खराब लाइफ स्‍टाइल और जंक फूड कल्‍चर ने लोगों की सेहत को काफी नुकसान पहुंचाया है जिससे कोलेस्ट्रॉल की समस्‍या भी है। इन दिनों हर तीसरा चौथा आदमी बैड Cholesterol की समस्‍या से जूझ रहा है। इसे कंट्रोल करने के लिए डॉक्‍टर लाइफ स्‍टाइल मोडिफिकेशन और खानपान में सुधार की हिदायद देते हैं। खासतौर पर &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">खराब लाइफ स्&#x200d;टाइल और जंक फूड कल्&#x200d;चर ने लोगों की सेहत को काफी नुकसान पहुंचाया है जिससे कोलेस्ट्रॉल की समस्&#x200d;या भी है। इन दिनों हर तीसरा चौथा आदमी बैड Cholesterol की समस्&#x200d;या से जूझ रहा है। इसे कंट्रोल करने के लिए डॉक्&#x200d;टर लाइफ स्&#x200d;टाइल मोडिफिकेशन और खानपान में सुधार की हिदायद देते हैं। खासतौर पर जंक फूड से परहेज बहुत ही जरूरी है। अगर आप भी बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो अपनी डाइट में अरबी के पत्तों को शामिल करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अरबी के पत्तों के फायदे –</strong><strong></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अरबी के पत्तों का सेवन करने से शरीर में बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम किया जा सकता है। रिसर्च में पाया गया कि अरबी के सूखे पत्ते से बना पाउडर लिपिड प्रोफाइल को सही कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अरबी के पत्ते हमारी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं, इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसकी वजह है इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन, जो शरीर में विटामिन ए के रूप में बदल जाता है। जिससे आंखों की प्रॉब्लम्स दूर रहती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अरबी का पत्ता देखने में बिल्कुल हार्ट शेप का होता है और इसके सेवन से आपका हार्ट भी हेल्दी रहता है। ये हृदय से जुड़ी बीमारियों की संभावनाओं को कम करता है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">अरबी के पत्तों के सेवन से ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखा जा सकता है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph" id="rel3">अरबी के पत्ते वजन घटाने में भी मददगार हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बीटा कैरोटीन और विटामिन ए की मात्रा मौजूद होने की वजह से अरबी के पत्ते त्वचा और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर में आयरन की कमी की वजह से होती है। तो इसके लिए आपको अरबी के पत्तों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा होती है।</p>
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		<title>‘उड़ते ताबूत’ के नाम से मशहूर मिग-21 को आखिर सरकार कब करेगी टाटा बाय-बाय?</title>
		<link>https://hindikhabar.com/when-will-the-government-finally-give-tata-bye-bye-to-the-mig-21-popularly-known-as-udte-tabut/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jul 2022 09:57:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Blogs]]></category>
		<category><![CDATA[Mig 21 Crashes in India]]></category>
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					<description><![CDATA[Mig 21 Crashes in India: राजस्थान के बाड़मेर जिले में गुरुवार रात भारतीय सेना का MiG-21 हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में दो पायलट की जान चली गई. लेकिन मिग विमान में होने वाला यह कोई पहला हादसा नहीं है. अब तक MiG-21 ने 200 से अधिक जानें ली हैं. MIG -21 बनाने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Mig 21 Crashes in India: </strong>राजस्थान के बाड़मेर जिले में गुरुवार रात भारतीय सेना का MiG-21 हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में दो पायलट की जान चली गई. लेकिन मिग विमान में होने वाला यह कोई पहला हादसा नहीं है. अब तक MiG-21 ने 200 से अधिक जानें ली हैं. MIG -21 बनाने वाला देश रूस 1985 में ही इस विमान का निर्माण बंद कर चुका है, लेकिन न जाने क्या वजह है कि अब तक वायु सेना से इसे बाहर नही किया गया. आइए एक नजर डालते हैं कि अब तक MiG-21 कितनी बार हादसों का शिकार हो चुका है और यह अबतक कितनी जानें ले चुका है.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मिग विमान में होने वाला यह कोई पहला हादसा नहीं </strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">पहली बार साल 1964 में भारतीय सेना में शामिल हुआ MiG-21 एक वक्त भारत की शान हुआ करता था. 1971 के युद्ध में MiG-21 ने जमकर कहर बरसाया था. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उस दौरान MiG-21 ने पाकिस्तानी वायु सेना के 13 विमानों को मार गिराया था. आपको बता दें कि बालाकोट एयरस्ट्राइक में भी पाकिस्तान के F-16 विमान को भी MiG-21 ने धूल चटाई थी.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>200 से अधिक पायलट <strong>गंवा चुके</strong></strong> <strong>अपनी जान  </strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट के अनुसार, MiG-21 के 400 से अधिक जेट 1971-72 के बाद से दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, जिसमें 200 से अधिक पायलट अपनी जान गंवा चुके हैं. MiG-21 बनाने वाला देश रूस 1985 में ही इस विमान का निर्माण बंद कर चुका है. लेकिन भारत में अब तक MIG-21 का इस्तेमाल किया जा रहा है. वो बात अलग है कि यहां इसके अपग्रेडेड वर्जन का इस्तेमाल किया जा रहा है.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रूस 1985 में ही इस विमान का निर्माण कर चुका बंद </strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन इस अपग्रेडेड वर्जन में भी कहीं न कहीं कोई खामियां जरूर है जिसकी वजह से समय-समय पर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त होता रहा है. यही कारण है कि सेना के उच्च अधिकारियों से लेकर रक्षा विशेषज्ञों ने भी इस पर लगातार सवाल उठाए हैं. मिग-21 को वायुसेना के बेड़े से बाहर करने की मांग कई बार की जा चुकी हैं.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अपग्रेडेड वर्जन में भी कहीं न कहीं कोई खामियां जरूर</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट के अनुसार 2012 में भारत के रक्षा मंत्री रहे AK ANTONY ने भी संसद में MiG-21 पर सवाल उठाए थे. अगर औसतन निकालें तो भारत में लगभग हर साल 12 विमान क्रैश होते हैं. देखें ये आकड़ा</p>



<figure class="wp-block-table"><table><tbody><tr><td><strong>साल</strong></td><td><strong>MiG-21 से हुए हादसे</strong></td></tr><tr><td><strong>1963 &#8211; 1973</strong><strong></strong></td><td>36</td></tr><tr><td><strong>1973 &#8211; 1983</strong><strong></strong></td><td>43</td></tr><tr><td><strong>1983 &#8211; 1993</strong><strong></strong></td><td>73</td></tr><tr><td><strong>1993 &#8211; 2003</strong><strong></strong></td><td>99</td></tr><tr><td><strong>2003 – 2013</strong><strong></strong></td><td>32</td></tr><tr><td><strong>2013 &#8211; अबतक</strong></td><td>21</td></tr></tbody></table></figure>



<p class="wp-block-paragraph">मिग-21 ने अब तक इतनी जानें ले चुका है कि इसका दूसरा नाम ‘उड़ता ताबूत’, ‘Flying Coffin’ और ‘Widow Maker’  पड़ चुका है. गुरुवार को बाड़मेर में हुई दुर्घटना ने एक बार फिर मिग -21 विमान के ऊपर सवालिया निशान खड़े होने शुरु हो गए हैं.  इतनी सारी दुर्घटनाओं के बावजूद भी मिग-21 पर भारतीय वायुसेना की निर्भरता की वजह यह है कि भारत में दूसरे लड़ाकू विमान की संख्या काफी कम है. राफेल और तेजस जैसे फाइटर प्लेन की संख्या अभी भी काफी कम है. </p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत में दूसरे लड़ाकू विमान की संख्या काफी कम</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मौजूदा सरकार ने सुरक्षा बजट में बढ़ोतरी और तकनीकी सक्षमता में बढ़ावा का हवाला देते हुए तमाम सुविधाओं और भर्तियों में कटौती तो कर दी है. लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि मिग -21 के खराब सुरक्षा रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार इस मिग -21 को अलविदा कहती है या अभी भी इसके ऊपर पहले वाले रवैये को बरकरार रखती है. क्योंकि मिग दुर्घटना में बेवजह जान गंवाने वाले हमारे देश के जवान हैं. और यहां बात देश की सुरक्षा और हमारे जवानों की जिंदगी का है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट- दीपक</p>
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