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	<title>खेत-खलिहान Archives - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>खेत-खलिहान Archives - Hindi Khabar</title>
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	<item>
		<title>पंजाब सरकार बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध</title>
		<link>https://hindikhabar.com/punjab-government-committed-to-promote-horticulture-and-increase-farmers-income/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 08:15:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
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					<description><![CDATA[Agriculture Development : पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने लुधियाना में निर्माणाधीन बागवानी विकास केंद्र के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Agriculture Development :</strong> पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने लुधियाना में निर्माणाधीन बागवानी विकास केंद्र के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बागवानी को प्रोत्साहित करने, फसली विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास तथा उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बागवानी क्षेत्र के विकास को नई दिशा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लुधियाना में स्थापित किया जा रहा बागवानी विकास केंद्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री, आधुनिक बागवानी तकनीकों, प्रशिक्षण तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र राज्य में बागवानी क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">भगत ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>



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		<item>
		<title>बागवानी को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए किसानों को बीज से बाजार तक पूरा सहयोग दिया जा रहा है: मोहिंदर भगत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/bagwani-ko-labhkari-vyavasay-banane-ke-liye-kisano-ko-beej-se-bazar-tak-sahyog-mohinder-bhagat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 06:13:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Agricultural Schemes]]></category>
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		<category><![CDATA[Punjab Government]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab Agriculture : पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ आधुनिक बागवानी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab Agriculture : </strong>पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों के संबंध में तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>किसानों को बीज से बाजार तक हर स्तर पर सहयोग</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस संबंध में जानकारी देते हुए मोहिंदर भगत ने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा किसानों को उत्तम बीज और पौध सामग्री, तकनीकी सलाह और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मान सरकार किसानों को बीज से बाजार तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग दे रही है ताकि बागवानी को और अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>“</strong><strong>किसानों को मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा</strong><strong>”</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीतियाँ और विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी मार्गदर्शन किसानों को पारंपरिक फसली चक्र से बाहर निकालकर अधिक मूल्य वाली बागवानी फसलों की खेती की ओर प्रेरित कर रही हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>“</strong><strong>पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रोसेसिंग सुविधाओं को किया जा रहा मजबूत</strong><strong>”</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि फलों, सब्जियों और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो रही है। इसके साथ ही पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड चेन, पैकहाउस और प्रोसेसिंग सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करके राज्य की कृषि को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://वित्त मंत्री चीमा ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए की बैठकें">वित्त मंत्री चीमा ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए की बैठकें</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>Farmers ID Card बनेगा किसानों की पहचान, मिलेंगे भरपूर लाभ, बार-बार रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म, ऐसे करें अप्लाई</title>
		<link>https://hindikhabar.com/farmers-id-card-benefits-registration-process-apply-online/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:12:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers ID]]></category>
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		<category><![CDATA[Farmers ID Applying Process]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers ID Card]]></category>
		<category><![CDATA[farmers news]]></category>
		<category><![CDATA[Farming News]]></category>
		<category><![CDATA[farming tips]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[UP Farmers ID Mandatory]]></category>
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					<description><![CDATA[Farmers ID Card : अगर आप किसान हैं और खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं तो यह जानकारी आप के लिए बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब किसानों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि बिना आईडी के कोई भी किसान योजना/सरकारी योजना का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Farmers ID Card :</strong> अगर आप किसान हैं और खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं तो यह जानकारी आप के लिए बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब किसानों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि बिना आईडी के कोई भी किसान योजना/सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा पाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार हर किसान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रही है, ताकि सहायता असली हकदारों तक पहुंचे और बीच में होने वाले फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगा सके। यदि आपने अभी तक अपनी 12 अंको की डिजिटल आईडी नहीं बनवाई है तो आपकी पीएम सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी अहम सुविधा बंद हो सकती है। इसलिए समय रहते अपनी रजिस्ट्री पूरी कर लें। ताकि योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या है यह फार्मर आईडी?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">फार्मर आईडी असल में किसानों का एक डिजिटल डेटा बेस है, जो लगभग उसी तरह काम करता है जैसे आपका आधार कार्ड। इस 12 अंकों की विशेष पहचान संख्या में किसान का नाम, उसकी जमीन की पूरी जानकारी, खतौनी Khatauni (Record of Rights) और खेत में बोई गई फसल की जानकारी एक ही जगह ऑनलाइन दर्ज होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य है कि कृषि योजनाओं में पूरी तरह से पारदर्शिता लाई जा सके और हर किसान का सही रिकॉर्ड उपलब्ध हो।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्यों है यह इतनी जरूरी?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जब किसान अपनी फार्मर आईडी बनवा लेते है तो उन्हें हर योजना के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या वहीं दस्तावेज़ दोबारा जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब चाहे आप खाद, बीज या कोई अन्य सरकारी सहायता लेने जाएं, बस आपकी आईडी स्कैन होगी, और पूरा काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इन बड़ी योजनाओं पर लगेगा ब्रेक</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अगर आपके पास यह फार्मर आईडी नहीं होगी, तो सबसे पहले आपकी पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त अटक सकती हैं। इसके अलावा मंडियों में एमएसपी पर फसल बेचने के लिए जो हर बार नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था, वह भी इस आईडी के बिना संभव नहीं होगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ऐसे करें आवेदन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">किसान भाई अपने फार्मर आईडी बनाने के लिए सीधे सरकारी वेबसाइट upagripardarshi.gov.in पर जाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। अगर आप खुद यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। वहां मात्र 20 से 50 रुपये का सर्विस चार्ज देकर आसानी से E-KYC और आईडी बनवाने का कार्य पूरा करवा सकते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/iran-us-tensions-rise-iran-claims-drone-attacks-on-american-bases-retaliation-continues/">ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले का किया दावा, जवाबी कार्रवाई जारी</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, फूलों की खेती पर सरकार दे रही 40% सब्सिडी, जानें कैसे मिलेगा लाभ</title>
		<link>https://hindikhabar.com/farmers-flower-farming-40-percent-subsidy-government-scheme/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 07:16:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture News]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[flower farming]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Horticulture Mission]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
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					<description><![CDATA[Agriculture News : बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को अधिक लाभदायक बनाने के लिए कई किसान-हितैषी योजनाएं लागू कर रही है। फूलों के बीजों के उत्पादन को बढ़ावा बागवानी मंत्री ने बताया कि फूलों की खेती को पुष्पित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Agriculture News :</strong> बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को अधिक लाभदायक बनाने के लिए कई किसान-हितैषी योजनाएं लागू कर रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">फूलों के बीजों के उत्पादन को बढ़ावा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बागवानी मंत्री ने बताया कि फूलों की खेती को पुष्पित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा बागवानी योजनाओं के तहत फूलों के बीज उत्पादन करने वाले किसानों को तीन वर्षों तक प्रति एकड़ लागत पर 40 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम 14,000 रुपये प्रति एकड़ दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के बीजों के उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर पैदा करना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भगत ने किसानों से अपील की कि वे बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और किसी भी जानकारी या सहायता के लिए अपने नजदीकी बागवानी कार्यालय से संपर्क करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/arvind-kejriwal-asks-auto-companies-e20-petrol-use-in-old-vehicles-safety/">केजरीवाल की देश की 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को चिट्ठी, ‘‘क्या पुरानी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल सुरक्षित है?</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>न मंडी की टेंशन, न मौसम का डर! इस फसल से किसान कमा रहे लाखों रुपये</title>
		<link>https://hindikhabar.com/no-mandi-tension-no-weather-risk-farmers-earn-lakhs-from-this-crop/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:37:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture News]]></category>
		<category><![CDATA[Farmer Success]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan News]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Lemongrass Farming]]></category>
		<category><![CDATA[organic farming]]></category>
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					<description><![CDATA[Lemongrass Farming Tips : खेती में बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसलों के सही दाम न मिलने की वजह से कई किसान परेशान हैं। पारंपरिक फसलों में मेहनत ज्यादा और मुनाफा सीमित होने के कारण अब किसान ऐसी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें कम खर्च और बेहतर कमाई की संभावना हो। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Lemongrass Farming Tips :</strong> खेती में बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसलों के सही दाम न मिलने की वजह से कई किसान परेशान हैं। पारंपरिक फसलों में मेहनत ज्यादा और मुनाफा सीमित होने के कारण अब किसान ऐसी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें कम खर्च और बेहतर कमाई की संभावना हो। ऐसी ही एक फसल है लेमनग्रास यानी नींबू घास, जिसकी खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स, साबुन और हर्बल उत्पाद</h3>



<p class="wp-block-paragraph">लेमनग्रास एक औषधीय और सुगंधित पौधा है। इसकी खास बात यह है कि इसे बेचने के लिए किसानों को सामान्य फसलों की तरह मंडियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स, साबुन और हर्बल उत्पाद बनाने वाली कंपनियां इसकी मांग करती हैं। यही वजह है कि कई जगहों पर किसान इसे कम जोखिम वाली खेती के तौर पर अपना रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इस कारण से पशु भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस फसल की खेती के लिए बहुत ज्यादा उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती। कम पानी वाली, बंजर या ऐसी जमीन जहां दूसरी फसलों की पैदावार मुश्किल होती है, वहां भी लेमनग्रास की खेती की जा सकती है। इसके पौधों से निकलने वाली नींबू जैसी खुशबू के कारण पशु भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे खेत की सुरक्षा पर अतिरिक्त खर्च कम हो जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तेल ही किसानों की कमाई का मुख्य जरिया</h3>



<p class="wp-block-paragraph">लेमनग्रास की एक बार रोपाई करने के बाद कई वर्षों तक उत्पादन लिया जा सकता है। सामान्य परिस्थितियों में इसकी फसल से साल में कई बार कटाई की जा सकती है। इसकी पत्तियों से निकलने वाला तेल ही किसानों की कमाई का मुख्य जरिया बनता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीधे कंपनियों या खरीदारों को बेच सकते हैं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">लेमनग्रास ऑयल की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम, साबुन, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक उत्पाद, हर्बल चाय और कई अन्य चीजों के निर्माण में किया जाता है। किसान इसकी पत्तियों से तेल निकालकर सीधे कंपनियों या खरीदारों को बेच सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं हासिल</h3>



<p class="wp-block-paragraph">एक एकड़ में लेमनग्रास की खेती शुरू करने में शुरुआती खर्च लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक आ सकता है। वहीं, सही प्रबंधन, उत्पादन और बाजार की उपलब्धता के आधार पर किसान इससे अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं। कई किसान इस फसल से सालाना लाखों रुपये तक की कमाई का दावा करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लेमनग्रास खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय</h3>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि खेती शुरू करने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी की स्थिति, बाजार और बिक्री के विकल्पों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। सही योजना और तकनीक के साथ लेमनग्रास खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/indian-railways-lost-luggage-return-process-railmadad-139-helpline/">ट्रेन में सामान छूट गया? घबराएं नहीं, रेलवे के ये 5 कदम अपनाए और सामान वापस पाएं</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>पंजाब में खेती का बड़ा बदलाव! 26 हजार किसानों ने अपनाई नई तकनीक, किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/big-agriculture-shift-in-punjab-26000-farmers-adopt-new-tech-income-boost-plan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 08:18:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture News]]></category>
		<category><![CDATA[Direct Seeding of Rice]]></category>
		<category><![CDATA[DSR Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Of Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Farming]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab News : पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) के अंतर्गत आने वाले रकबे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूजल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान को किसानों से &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab News :</strong> पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) के अंतर्गत आने वाले रकबे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूजल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान को किसानों से मिल रहे व्यापक समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि अब तक 26,896 किसानों ने 3.41 लाख एकड़ भूमि पर डीएसआर तकनीक अपनाई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">35.16 करोड़ रुपये की सहायता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25,853 किसानों ने 2.93 लाख एकड़ क्षेत्र में डीएसआर पद्धति अपनाई थी। इस सकारात्मक रुझान को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में डीएसआर योजना के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दी है, जो वर्ष 2025 में वितरित 35.16 करोड़ रुपये की सहायता राशि से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत किसान को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 1,500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">रकबे में और वृद्धि होने की उम्मीद</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कृषि मंत्री ने बताया कि किसान डीएसआर योजना के लिए 30 जून तक agrimachinerypb.com पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि धान उत्पादक प्रमुख जिलों में रोपाई का कार्य अभी भी जारी है, जो जुलाई के मध्य तक चलने की संभावना है। ऐसे में आने वाले सप्ताहों में डीएसआर के अंतर्गत रकबे में और वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और बैंक खातों के सत्यापन में सहायता के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि डीबीटी का लाभ बिना किसी बाधा के किसानों तक पहुंच सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कृषि भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयास</h3>



<p class="wp-block-paragraph">गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, &#8220;डीएसआर के अंतर्गत 16 प्रतिशत की वृद्धि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की टिकाऊ कृषि नीति में किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। वर्ष 2026-27 के लिए 40 करोड़ रुपये के बढ़े हुए बजट के साथ हम किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयासों को और तेज कर रहे हैं। हम केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दे रहे, बल्कि जल संरक्षण को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। डीएसआर के तहत आने वाला प्रत्येक एकड़ क्षेत्र आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल बचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">पानी की खपत हो जाती है कम</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे अंतिम तिथि से पहले आगे आकर योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक में न तो नर्सरी तैयार करने और न ही धान की रोपाई की आवश्यकता होती है, जिससे सिंचाई के पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है तथा मजदूरी पर होने वाला खर्च भी काफी घट जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">किसानों को पारंपरिक धान रोपाई</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए डीएसआर तकनीक को एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत किसानों को पारंपरिक धान रोपाई पद्धति से डीएसआर तकनीक अपनाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान, प्रदर्शन कार्यक्रम तथा हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/punjab-government-restores-office-timings-9am-to-5pm-from-1-july/">पंजाब सरकार ने सरकारी कार्यालयों का समय फिर से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक किया, 1 जुलाई से लागू होंगे नए आदेश</a></p>



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		<item>
		<title>कनाडा में एग्रीकल्चर बना नया अवसर, भारतीय छात्रों के लिए PR और नौकरी का मजबूत रास्ता</title>
		<link>https://hindikhabar.com/canada-agriculture-new-opportunity-indian-students-pr-job-path/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:09:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Agri Tech]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture Jobs]]></category>
		<category><![CDATA[Canada Study]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Students Abroad]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[PR Canada]]></category>
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					<description><![CDATA[Agriculture Career in Canada : कनाडा में भारतीय छात्र आमतौर पर कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा एनालिटिक्स जैसे लोकप्रिय कोर्सों की ओर रुख करते हैं। इसके पीछे बेहतर करियर अवसर, ऊंची सैलरी और परमानेंट रेजिडेंसी (PR) की संभावना प्रमुख कारण हैं। हालांकि, इसी बीच एक ऐसा सेक्टर तेजी से उभर रहा है जिस पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Agriculture Career in Canada :</strong> कनाडा में भारतीय छात्र आमतौर पर कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा एनालिटिक्स जैसे लोकप्रिय कोर्सों की ओर रुख करते हैं। इसके पीछे बेहतर करियर अवसर, ऊंची सैलरी और परमानेंट रेजिडेंसी (PR) की संभावना प्रमुख कारण हैं। हालांकि, इसी बीच एक ऐसा सेक्टर तेजी से उभर रहा है जिस पर भारतीय छात्रों का ध्यान अभी भी कम है- एग्रीकल्चर और फूड सेक्टर।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खेती-बाड़ी सेक्टर में बढ़ती मांग और स्टाफ की भारी कमी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कनाडा का एग्री-फूड सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सेक्टर GDP में 150 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार देता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बावजूद इस क्षेत्र में लगातार श्रमिकों की कमी बनी हुई है। अनुमान है कि 2030 तक इस सेक्टर में एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों की कमी हो सकती है। कई कंपनियां अपनी खाली नौकरियां भरने में असमर्थ हैं, जबकि कुछ को स्थानीय स्तर पर आवेदन तक नहीं मिलते।</p>



<h3 class="wp-block-heading">विदेशी वर्कर्स पर बढ़ती निर्भरता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा में एग्रीकल्चर सेक्टर में विदेशी श्रमिकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और यह करीब 17% तक पहुंच चुकी है। 2017 से 2024 के बीच विदेशी वर्कर्स की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा, इस क्षेत्र में कार्यरत बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट की उम्र के करीब हैं, जिससे आने वाले वर्षों में स्टाफ की कमी और बढ़ने की संभावना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सरकार की इमिग्रेशन पॉलिसी में एग्रीकल्चर को प्राथमिकता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कनाडा सरकार ने एग्रीकल्चर को इमिग्रेशन की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में कामगारों की कमी को दूर करना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एग्रीकल्चर से जुड़े कोर्स करने पर पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) पाने की संभावना बढ़ जाती है<br>एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में एग्री-फूड सेक्टर के उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है<br>कई प्रांतीय नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) में भी खेती और फूड प्रोसेसिंग को इन-डिमांड सूची में रखा गया है<br>रूरल और अटलांटिक इमिग्रेशन जैसे कार्यक्रमों में भी एग्रीकल्चर वर्कर्स के लिए PR के रास्ते खुले हैं<br>भारतीय छात्रों के लिए क्यों है यह बेहतर विकल्प</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय छात्र अभी भी सीमित कोर्सों की ओर ही ज्यादा आकर्षित होते हैं, जबकि एग्रीकल्चर, एग्रीबिजनेस और फूड साइंस जैसे क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा कम है और अवसर अधिक हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन कोर्सों में न सिर्फ नौकरी की संभावना बेहतर है, बल्कि PR पाने के रास्ते भी अपेक्षाकृत आसान माने जाते हैं। यही वजह है कि यह सेक्टर धीरे-धीरे भारतीय छात्रों के लिए एक मजबूत विकल्प बनता जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कनाडा में उपलब्ध प्रमुख एग्रीकल्चर कोर्स<br>एग्रीकल्चर और एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट<br>क्रॉप प्रोडक्शन एंड मैनेजमेंट<br>प्रिसिजन एग्रीकल्चर और एग्री-टेक्नोलॉजी<br>ग्रीनहाउस और हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी<br>फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी<br>एनिमल साइंस और लाइवस्टॉक प्रोडक्शन<br>फार्म एंड रैंच मैनेजमेंट<br>एग्रीकल्चर इक्विपमेंट टेक्नोलॉजी<br>सस्टेनेबल एग्रीकल्चर और एनवायरनमेंटल साइंस<br>टेक्नोलॉजी से जुड़कर बदल रही है खेती की तस्वीर</p>



<p class="wp-block-paragraph">आज कनाडा की खेती पारंपरिक तरीके तक सीमित नहीं रही। यहां GPS आधारित ट्रैक्टर, ड्रोन से फसल मॉनिटरिंग, AI आधारित उत्पादन अनुमान और ऑटोमेटेड ग्रीनहाउस जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है। इस वजह से आईटी, डेटा और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए भी यह सेक्टर नए अवसर खोल रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कनाडा का एग्रीकल्चर सेक्टर धीरे-धीरे एक बड़े करियर और इमिग्रेशन अवसर के रूप में उभर रहा है। कम प्रतिस्पर्धा, बढ़ती मांग और सरकारी समर्थन के कारण यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारतीय छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/punjab-to-dehradun-nihang-singh-march-karnprayag-clash-security-tightened-border-alert/">पंजाब से देहरादून निहंग सिखों का कूच, कर्णप्रयाग विवाद के बाद सुरक्षा कड़ी, बॉर्डर पर भारी फोर्स तैनात</a></p>



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		<item>
		<title>खेती में क्रांति की तैयारी, पंजाब में ‘जीवित मिट्टी मिशन’ से आएगा बदलाव, मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए बड़ा प्लान</title>
		<link>https://hindikhabar.com/kheti-mein-kranti-ki-taiyari-punjab-living-soil-mission-big-plan-soil-health-improvement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 05:53:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[Food Security]]></category>
		<category><![CDATA[Green Revolution]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Initiative]]></category>
		<category><![CDATA[soil health]]></category>
		<category><![CDATA[Sustainable Farming]]></category>
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					<description><![CDATA[Green Revolution : पंजाब की खाद्य सुरक्षा को मिट्टी की उर्वरता से जोड़ने के मिशन को आगे बढ़ाते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग (पी.एस.एफ.सी.) ने आज यहां रीजेनेरेटिंग पंजाब संस्था के साथ मिलकर एक विस्तृत विचार-विमर्श किया, ताकि सभी भागीदारों की सक्रिय भागीदारी से इस संबंध में भविष्य की रणनीति तैयार की जा सके। पंजाब &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Green Revolution :</strong> पंजाब की खाद्य सुरक्षा को मिट्टी की उर्वरता से जोड़ने के मिशन को आगे बढ़ाते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग (पी.एस.एफ.सी.) ने आज यहां रीजेनेरेटिंग पंजाब संस्था के साथ मिलकर एक विस्तृत विचार-विमर्श किया, ताकि सभी भागीदारों की सक्रिय भागीदारी से इस संबंध में भविष्य की रणनीति तैयार की जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने चर्चा की शुरुआत की। इस दौरान कृषि, जल, स्वास्थ्य और जलवायु के आपसी गहरे संबंधों पर जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि यह विचार-विमर्श सत्र इस वर्ष अप्रैल में शुरू की गई ‘मिट्टी तों थाली तक’ (मिट्टी से प्लेट तक) पहल का विस्तार था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पंजाब की मिट्टी में जैविक पदार्थ मात्र…</h3>



<p class="wp-block-paragraph">रीजेनेरेटिंग पंजाब की संस्थापक सुमीत संधू के साथ मिलकर ‘जीवित मिट्टी मिशन’ और ‘धरती दियां धीयां’ जैसी नई अवधारणाओं की शुरुआत करते हुए चेयरमैन ने मिट्टी की सेहत को पुनर्जीवित करने और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की मिट्टी में जैविक पदार्थ मात्र 0.5 प्रतिशत रह गया है, जबकि इसकी आवश्यक मात्रा 5 प्रतिशत होनी चाहिए। इससे मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ण क्षमता विकसित हो सकेगी, जो गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मिट्टी की क्षमता और गुणवत्ता की जांच</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सुमीत संधू ने कहा कि इस ‘रीजनरेटिव क्रांति’ को सफल बनाने के लिए कई कदम उठाने की आवश्यकता है। इनमें मिट्टी और पर्यावरण, जल प्रणालियों, कृषि आजीविका, बाजार एवं मूल्य श्रृंखला तथा आंकड़ों जैसे विषयों पर केंद्रित कार्य समूहों का गठन करना शामिल है। साथ ही कृषि क्षेत्र की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य स्तर पर मिट्टी की क्षमता और गुणवत्ता की जांच भी की जानी चाहिए। आयोग के चेयरमैन को यह भी अवगत कराया गया कि एक परीक्षण परियोजना के रूप में मोगा जिले के घोलियां कलां गांव में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">दिशा और प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर ‘धरती दियां धीयां’ नामक एक नई पहल की भी शुरुआत की गई, जिसके तहत महिलाओं को सूआइल रीजनरेशन चैंपियन और पर्यावरण संरक्षण की अग्रणी के रूप में प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। ये महिलाएं पंजाब की भूमि, जल और खाद्य प्रणालियों के पुनर्जीवन को दिशा और प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य के 23 जिलों में ऐसी 100 महिला नेताओं का चयन किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">किसानों से लेकर परिवारों तक…</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस पहल में स्कूल स्तर के कार्यक्रम भी शामिल हैं, जो बच्चों और युवाओं को मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही किसानों से लेकर परिवारों तक पूरे गांव को मिट्टी की सेहत बहाल करने के इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहलकदमी की विलक्षण विशेषताओं में से एक गांव पद्धरी मुकाबला सोआइल कप शुरू करना है, जिसमें उन गांवों को इनाम दिया जायेगा जो अपनी मिट्टी, वातावरण का पालन पोषण करते हैं और अपना भविष्य सुरक्षित करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कई अन्य गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर रीजेनेरेटिंग पंजाब के सह-संस्थापक अरिंदम मुखर्जी, पंजाब टाउन प्लानिंग विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक एम.एस. औजला, घोलियां कलां गांव के सरपंच एकमप्रीत सिंह तथा जैविक किसान चमकौर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/bhagwant-mann-government-big-decision-125-crore-divyang-economic-security-support-funds-released/">भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांगों के लिए 125 करोड़ जारी, आर्थिक सुरक्षा पर जोर</a></p>



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		<item>
		<title>घनौर में किसान मिलनी का आयोजन, प्रभावित किसानों को मुआवजे के चेक वितरित</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ghanour-kisan-milni-organised-compensation-cheques-distributed-to-affected-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 09:24:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Aam Aadmi Party Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Farmer Compensation Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[flood affected farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Ghanaur Kisan Milni]]></category>
		<category><![CDATA[Gurmeet Singh Khudian]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Agriculture Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab News]]></category>
		<category><![CDATA[rain damage compensation]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006417528</guid>

					<description><![CDATA[Punjab News : हल्का घनौर में मंगलवार को आम आदमी पार्टी द्वारा किसान मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित किसानों एवं नुकसान झेलने वाले परिवारों को मुआवजे के चेक वितरित किए। “सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab News :</strong> हल्का घनौर में मंगलवार को आम आदमी पार्टी द्वारा किसान मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित किसानों एवं नुकसान झेलने वाले परिवारों को मुआवजे के चेक वितरित किए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">“सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध”</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर हल्का घनौर के विधायक गुरलाल सिंह घनौर, मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरस्ट, चेयरमैन जरनैल सिंह मन्नू सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">227 परिवारों को लगभग 80 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मंत्री खुड्डियां ने कहा कि हर वर्ष घग्गर नदी के कारण किसानों की फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार भी पटियाला, रोपड़, फिरोजपुर और फाजिल्का सहित कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित 227 परिवारों को लगभग 80 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई है। किसानों को मुआवजा लगभग 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रदान किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंडी बोर्ड की नई इमारत का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह भवन 1.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों और मंडी से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किसान मिलनी के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और मांगें भी सरकार के समक्ष रखीं, जिनके समाधान का भरोसा दिया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मई में रिश्वतखोरी के 6 मामलों में 8 सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों किया गिरफ्तार">पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मई में रिश्वतखोरी के 6 मामलों में 8 सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों किया गिरफ्तार</a></p>



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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत सिंचाई क्षेत्र में 167% की वृद्धि: बरिंदर गोयल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/barinder-goyal-announcement-167-percent-irrigation-growth-bist-doab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:42:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[खेत-खलिहान]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Barinder Kumar Goyal statement]]></category>
		<category><![CDATA[bhagwant mann government]]></category>
		<category><![CDATA[Bist Doab canal network]]></category>
		<category><![CDATA[canal water distribution]]></category>
		<category><![CDATA[irrigation growth 167 percent Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab agriculture news]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Irrigation System]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006417072</guid>

					<description><![CDATA[Punjab Agriculture : पंजाब की ऐतिहासिक जीवन-धारा में नई जान फूंकते हुए पंजाब सरकार ने बिस्त दोआब नहर की पुनः बहाली से दोआबा क्षेत्र के खेतों की तस्वीर बदलते हुए किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है। प्रदेश के सिंचाई नेटवर्क को बड़ा बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab Agriculture : </strong>पंजाब की ऐतिहासिक जीवन-धारा में नई जान फूंकते हुए पंजाब सरकार ने बिस्त दोआब नहर की पुनः बहाली से दोआबा क्षेत्र के खेतों की तस्वीर बदलते हुए किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है। प्रदेश के सिंचाई नेटवर्क को बड़ा बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नहर को पुनर्जीवित करने से वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत सिंचित क्षेत्र में 167% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस संबंध में अधिक जानकारी साझा करते हुए जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस विस्तार से 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र नहरी सिंचाई के तहत लाया गया है, जिससे इलाके के कृषि क्षेत्र की नींव मज़बूत हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">दोआबे की नहर में पानी प्रवाह में सुधार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">दोआबे की जीवन-रेखा मानी जाने वाली इस नहर में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लक्षित प्रयासों के तहत पानी के प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इन प्रयासों से जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला और होशियारपुर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से चली आ रही पानी की कमी को दूर करते हुए सिंचाई प्रणाली को मज़बूत किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गोयल ने कहा कि रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाले इस नहरी नेटवर्क, जिसमें इसके राजबाहें, माइनर और खाले शामिल हैं, का व्यापक कायाकल्प किया गया है। इससे पानी का वितरण और अधिक सुचारू और कुशल हुआ है, जिससे सिंचित क्षेत्र में काफ़ी वृद्धि हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">19213 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को मिला नहरी पानी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि पुनः बहाली की बड़ी उपलब्धि यह भी है कि बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत लगभग 19213 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को पहली बार नहरी पानी मिला है। यह उन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो पहले भूजल और बारिश पर निर्भर थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पानी के प्रवाह में आए सुधार ने बलाचौर क्षेत्र में काठगढ़ लिफ्ट स्कीम के माध्यम से लिफ्ट सिंचाई प्रणाली को मज़बूत किया गया है। शहीद भगत सिंह नगर के बंगा व मुकंदपुर और जालंधर ज़िले के अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और काला संघियां जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मज़बूत हुआ है, जबकि जालंधर ब्रांच से जुड़े पुनर्जीवित किए राजबाहों ने आखिरी खेत तक पानी के वितरण में वृद्धि की है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जालंधर ब्रांच में 150 क्यूसेक अतिरिक्त पानी आवंटित</h3>



<p class="wp-block-paragraph">नहर के सुदृढ़ीकरण से अब शहरी क्षेत्र में पानी की ज़रूरतें भी पूरी हो रही हैं। शहर को पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए जालंधर ब्रांच को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। इससे जालंधर नगर निगम की भूजल पर निर्भरता कम हो रही है और अधिक टिकाऊ तथा भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली विकसित हो रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि बिस्त-दोआब नहर की बहाली सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाने, किसानों की सहायता करने और सुदृढ़ जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन पानी को सुरक्षित रखा जा सकेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह केवल एक बहाली नहीं, बल्कि पूर्ण कायाकल्प है, जो पंजाब की कृषि जीवनशैली की संरक्षण क्षमता और आजीविका को बढ़ाने और स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ने का ईमानदार प्रयास है।</p>



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